Caracas News: अमेरिकी विशेष सुरक्षा बलों ने एक दुस्साहसी सैन्य मिशन ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के जरिए वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में ले लिया है। 3 जनवरी 2026 की इस कार्रवाई में मादुरो की पत्नी सिलिया फ्लोर्स को भी काराकस के फोर्ट तिउना से उठा लिया गया। इस खूनी संघर्ष में मादुरो की सुरक्षा टीम के कई जवान मारे गए हैं। डोनाल्ड ट्रंप के इस कदम ने पूरी दुनिया को युद्ध की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। फिलहाल मादुरो को न्यूयॉर्क ले जाया गया है, जिससे लातिन अमेरिका में तनाव चरम पर है।
सेना ने झुकने से किया इनकार: व्लादिमीर लोपेज की चेतावनी
वेनेजुएला की सेना ने अमेरिकी कार्रवाई के बावजूद आत्मसमर्पण करने से साफ मना कर दिया है। रक्षा मंत्री व्लादिमीर लोपेज ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि उनकी सेना कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के प्रति वफादार है। लोपेज ने मादुरो की तुरंत रिहाई की मांग की है। उन्होंने इसे किसी भी संप्रभु देश के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने भी स्पष्ट किया कि वेनेजुएला अपनी आजादी के लिए आखिरी सांस तक लड़ेगा। वेनेजुएला इस ‘अपहरण’ के खिलाफ अब संयुक्त राष्ट्र (UN) का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहा है।
अमेरिका बनाम वेनेजुएला: किसका पलड़ा है भारी?
सैन्य ताकत के मामले में अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बहुत बड़ा अंतर है। ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स 2025 के अनुसार अमेरिका दुनिया की नंबर 1 सैन्य शक्ति है। इसके उलट वेनेजुएला 50वें स्थान पर आता है। अमेरिका के पास 13 लाख सक्रिय सैनिक हैं, जबकि वेनेजुएला के पास केवल 1 लाख 9 हजार सैनिक हैं। वायुसेना के मामले में भी अमेरिका बहुत आगे है। अमेरिका के पास 13 हजार से ज्यादा विमान हैं। वेनेजुएला के पास मात्र 229 विमान मौजूद हैं। अमेरिका का रक्षा बजट 895 अरब डॉलर है, जो वेनेजुएला के 4.09 अरब डॉलर के बजट से कहीं अधिक बड़ा है।
रूसी और चीनी हथियार बन सकते हैं ट्रंप की मुसीबत
इतने बड़े अंतर के बाद भी वेनेजुएला की सेना डटी हुई है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह रूसी और चीनी आधुनिक हथियार हैं। वेनेजुएला के पास S-300 एयर डिफेंस सिस्टम और सु-30 फाइटर जेट्स हैं। ये हथियार अमेरिकी विमानों को कड़ी चुनौती दे सकते हैं। इसके अलावा वेनेजुएला की 2 लाख 20 हजार की पैरामिलिट्री फोर्स गुरिल्ला युद्ध में बहुत माहिर है। सेना का मनोबल भी काफी ऊंचा है क्योंकि वे मादुरो को ही अपना असली नेता मानते हैं। वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार भी है, जो उसे ताकत देता है।
क्या होगा डोनाल्ड ट्रंप का अगला कदम?
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि वेनेजुएला में अब सत्ता परिवर्तन होकर रहेगा। जानकारों का मानना है कि यदि वेनेजुएला ने रूस या चीन से सैन्य मदद मांगी, तो यह वैश्विक युद्ध की शुरुआत हो सकती है। अमेरिका ने फिलहाल मादुरो पर ड्रग्स तस्करी के गंभीर आरोप लगाए हैं। अब सवाल यह है कि क्या ट्रंप वेनेजुएला पर पूर्ण सैन्य आक्रमण करेंगे या आर्थिक पाबंदियों से उसे झुकाएंगे? पूरी दुनिया की नजरें अब वाशिंगटन के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं।
