Himachal News: हिमाचल प्रदेश में हवाई सफर का इंतजार कर रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। राज्य में बंद पड़ी हवाई सेवा को फिर से बहाल करने की कवायद शुरू हो गई है। एलाइंस एअर ने हिमाचल प्रदेश सरकार के पर्यटन विभाग को एक महत्वपूर्ण ई-मेल भेजा है। कंपनी ने दोबारा उड़ाने शुरू करने के लिए सरकार के सामने नया प्रस्ताव रखा है। सरकार अब इस सेवा को शुरू करने के लिए जरूरी खर्च का हिसाब लगाने में जुट गई है।
कंपनी ने बढ़ा दी है अपनी फीस
एलाइंस एअर ने सरकार से वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) के तहत नया करार करने को कहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि कंपनी ने वीजीएफ की राशि बढ़ाने की मांग की है। पहले सरकार 12 करोड़ रुपये देती थी, लेकिन अब कंपनी ने इसे बढ़ाकर 19 करोड़ रुपये करने का आग्रह किया है। अगर हिमाचल प्रदेश सरकार इस पर राजी होती है, तो दिल्ली-शिमला और शिमला-धर्मशाला के बीच विमान सेवा फिर से शुरू हो जाएगी।
सितंबर 2025 से सूने पड़े हैं हवाई अड्डे
पिछले करार के मुताबिक सरकार कंपनी को सालाना 12 करोड़ रुपये का भुगतान कर रही थी। यह तीन साल का करार 24 सितंबर, 2025 को खत्म हो गया था। एग्रीमेंट खत्म होते ही शिमला से धर्मशाला और अमृतसर के लिए उड़ानें बंद कर दी गईं। हवाई सेवा ठप होने के बाद एलाइंस एअर ने प्रदेश के हवाई अड्डों से अपना स्टाफ हटाकर मुंबई, रीवा और पिथौरागढ़ भेज दिया था।
सीएम सुक्खू ने केंद्र के सामने उठाया मुद्दा
हवाई सेवा की बहाली के लिए राज्य सरकार पूरी तरह गंभीर है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिराजे सिंधिया के सामने यह मामला उठाया है। सीएम के निर्देश पर मुख्य सचिव संजय गुप्ता और प्रधान सचिव देवेश कुमार लगातार दिल्ली में अधिकारियों से संपर्क में हैं। हिमाचल प्रदेश सरकार और कंपनी के बीच पत्राचार जारी है, जिससे जल्द ही सकारात्मक नतीजे आने की उम्मीद है।
