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16 जनवरी से बिहार में फिर चलेगा ‘नीतीश कुमार’ का जादू? 16वीं यात्रा से पहले मची खलबली!

Bihar News: बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फिर से जनता के बीच जाने का फैसला लिया है। वे आगामी 16 जनवरी, 2026 से अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ की शुरुआत करने जा रहे हैं। यह सीएम की 16वीं राज्यव्यापी यात्रा होगी। इसे लेकर पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा हुआ है। राजनीतिक पंडित इसे नीतीश कुमार का एक और मास्टरस्ट्रोक मान रहे हैं। माना जा रहा है कि इस यात्रा की शुरुआत भी ऐतिहासिक धरती पश्चिम चंपारण से हो सकती है।

मुख्य सचिव ने सभी डीएम को किया अलर्ट

मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम को लेकर पटना सचिवालय पूरी तरह एक्शन मोड में है। बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी विभागों के प्रधान सचिवों को पत्र लिखा है। इसके अलावा सभी जिलों के डीएम को भी निर्देश जारी कर दिए गए हैं। पत्र में साफ कहा गया है कि नीतीश कुमार 16 जनवरी से जिलों का दौरा करेंगे। प्रशासन को युद्धस्तर पर तैयारियां पूरी करने का आदेश मिला है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सुरक्षा और बुनियादी इंतजाम दुरुस्त रखने को कहा है।

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जमीन पर उतरकर हकीकत परखेंगे सीएम

‘समृद्धि यात्रा’ का मकसद सिर्फ घूमना नहीं है। नीतीश कुमार सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत खुद अपनी आंखों से देखेंगे। वे अफसरों की फाइलों पर भरोसा नहीं करेंगे। मुख्यमंत्री ‘सात निश्चय पार्ट-2’ और ‘जल-जीवन-हरियाली’ जैसी बड़ी योजनाओं की समीक्षा करेंगे। वे देखेंगे कि पिछली ‘प्रगति यात्रा’ में किए गए वादे पूरे हुए या नहीं। इस दौरान वे कई नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे। कई पूरी हो चुकी योजनाओं को जनता को समर्पित किया जाएगा।

जनता की अदालत में सीधा संवाद

इस यात्रा में सबसे खास ‘जनसंवाद’ कार्यक्रम होगा। नीतीश कुमार सीधे आम लोगों से बात करेंगे। वे स्थानीय लोगों और समाजसेवियों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनेंगे। अगर किसी काम में लापरवाही मिली तो अधिकारियों पर गाज गिरना तय है। सीएम का पूरा फोकस शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क निर्माण पर रहेगा। वे हर घर नल का जल योजना की स्थिति भी जांचेंगे। हर जिले के दौरे के बाद एक हाई-लेवल मीटिंग होगी। इसमें फंड की कमी और काम की गुणवत्ता पर चर्चा की जाएगी।

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2005 से जारी है यात्राओं का सिलसिला

नीतीश कुमार देश के ऐसे नेता हैं जो लगातार जनता के बीच रहते हैं। उन्होंने 2005 में पहली बार ‘न्याय यात्रा’ निकाली थी। इसी यात्रा ने बिहार में सत्ता परिवर्तन की नींव रखी थी। इसके बाद उन्होंने विकास यात्रा, विश्वास यात्रा और निश्चय यात्रा जैसे कई अभियान चलाए। उन्होंने 2024 में ‘प्रगति यात्रा’ की थी। अब 2026 में ‘समृद्धि यात्रा’ के जरिए वे फिर से सुशासन को मजबूत करना चाहते हैं। जानकारों के मुताबिक, इससे सरकार के प्रति लोगों का भरोसा और बढ़ेगा।

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