Himachal News: हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने आशंका जताई है कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने के बाद सरकार अब नोटों से भी बापू की तस्वीर हटा सकती है। पार्टी ने इसके विरोध में 10 जनवरी से ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ शुरू करने का फैसला किया है। इसके साथ ही संगठन में भी बड़े बदलावों की तैयारी कर ली गई है।
2027 की तैयारी और संगठन में बदलाव
कांग्रेस ने आगामी 2027 के चुनावों के लिए अभी से कमर कस ली है। विनय कुमार ने राजीव भवन में साफ किया कि जिन नेताओं को जिला कमेटियों में अध्यक्ष पद नहीं मिला, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। ऐसे दावेदारों को ब्लॉक कमेटियों में अहम जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। उन्होंने बताया कि शिमला ग्रामीण और किन्नौर के जिला अध्यक्षों की घोषणा भी जल्द होगी। पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट में कुछ कमी के कारण इसमें देरी हुई थी। पार्टी अब जमीनी स्तर पर पकड़ मजबूत करने में जुटी है।
केंद्र पर मनमानी का आरोप
विनय कुमार ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने न सिर्फ मनरेगा का नाम बदला है, बल्कि कांग्रेस द्वारा बनाए गए नियमों को भी बदल दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार ये बदलाव वापस नहीं लेती, कांग्रेस की लड़ाई जारी रहेगी। युकां के पूर्व महासचिव विनोद जिंटा ने भी आरोप लगाया कि सरकार संविधान में मिले अधिकारों को कमजोर कर रही है। कांग्रेस ने युवाओं से लोकतंत्र बचाने के लिए आगे आने की अपील की है।
जानें क्या है आंदोलन का पूरा शेड्यूल
कांग्रेस ने आंदोलन की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है। यह अभियान 10 जनवरी से शुरू होकर फरवरी तक चलेगा।
- 10 जनवरी: सभी जिलों में कांग्रेस अध्यक्ष, मंत्री और विधायक प्रेसवार्ता करेंगे।
- 11 जनवरी: गांधी प्रतिमाओं के सामने एक दिन का सांकेतिक उपवास रखा जाएगा।
- 12 से 29 जनवरी: पंचायत स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।
- 30 जनवरी: वार्ड स्तर पर शांतिपूर्ण धरना दिया जाएगा।
- फरवरी: 31 जनवरी से 6 फरवरी तक जिला स्तरीय धरने होंगे। इसके बाद राज्य और क्षेत्रीय स्तर पर रैलियां आयोजित की जाएंगी।
बैठक में प्रभारी रजनी पाटिल ने भी वर्चुअल रूप से हिस्सा लिया और कहा कि कांग्रेस गरीबों के साथ अन्याय नहीं होने देगी।

