Mumbai News: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में आज वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे की टीमें आमने-सामने हैं। मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में होने वाला यह मैच दोनों टीमों के लिए सेमीफाइनल की रेस में बने रहने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। वेस्टइंडीज की टीम अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जानी जाती है, वहीं जिम्बाब्वे इस टूर्नामेंट में बड़े उलटफेर करने का दम दिखा चुकी है। क्रिकेट प्रेमी इस रोमांचक भिड़ंत का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं क्योंकि यहां की पिच हमेशा से बल्लेबाजों की मददगार रही है।
वानखेड़े की पिच और मौसम का मिजाज
मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम की पिच अपनी उछाल और गति के लिए प्रसिद्ध है। यहां की बाउंड्री छोटी होने के कारण दर्शकों को बड़े स्कोर वाले मैच देखने को मिलते हैं। टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करना पसंद कर सकती है क्योंकि ओस की भूमिका मैच के दूसरे हिस्से में अहम हो जाती है। मौसम विभाग के अनुसार आसमान साफ रहेगा, जिससे खेल में खलल पड़ने की संभावना कम है। तेज गेंदबाजों को शुरुआती ओवरों में कुछ मदद मिल सकती है, लेकिन बाद में बल्लेबाजों का दबदबा रहने की उम्मीद है।
वेस्टइंडीज की ताकत और रणनीति
वेस्टइंडीज के पास दुनिया के सबसे खतरनाक टी20 पावर-हिटर्स मौजूद हैं। कप्तान निकोलस पूरन और आंद्रे रसेल जैसे खिलाड़ी किसी भी गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाने में सक्षम हैं। टीम की रणनीति पावरप्ले में तेजी से रन बटोरने की होगी। गेंदबाजी में अकील हुसैन अपनी स्पिन से जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को परेशान कर सकते हैं। कैरेबियाई टीम इस मैच को जीतकर अपनी स्थिति अंक तालिका में और मजबूत करना चाहेगी।
जिम्बाब्वे का जज्बा और चुनौती
जिम्बाब्वे की टीम मौजूदा विश्व कप में अपने अनुशासित प्रदर्शन से सबको चौंका रही है। सिकंदर रजा टीम के सबसे बड़े मैच विनर साबित हुए हैं, जो बल्ले और गेंद दोनों से योगदान दे रहे हैं। जिम्बाब्वे के गेंदबाज वेस्टइंडीज के बड़े शॉट खेलने वाले खिलाड़ियों को शांत रखने की कोशिश करेंगे। अगर जिम्बाब्वे शुरुआती झटके देने में कामयाब रहती है, तो मैच का रुख किसी भी ओर मुड़ सकता है। टीम को अपनी फील्डिंग पर विशेष ध्यान देना होगा ताकि वेस्टइंडीज पर दबाव बनाया जा सके।

