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डीजल कारें क्यों देती हैं पेट्रोल से ज्यादा माइलेज? जानें पीछे की तकनीकी वजह

Auto News: भारत में गाड़ी खरीदते समय माइलेज सबसे अहम फैक्टर माना जाता है। डीजल कारें पेट्रोल कारों की तुलना में बेहतर माइलेज देती हैं। यह सिर्फ अनुभव की बात नहीं बल्कि तकनीकी कारणों पर आधारित है। डीजल ईंधन और इंजन डिजाइन में कुछ खास बातें इसे संभव बनाती हैं।

सबसे पहला कारण डीजल ईंधन की ऊर्जा सघनता है। पेट्रोल के मुकाबले डीजल में प्रति लीटर अधिक ऊर्जा होती है। इसका मतलब है कि समान मात्रा में डीजल से ज्यादा काम लिया जा सकता है। यही वजह है कि डीजल कारें कम ईंधन में अधिक दूरी तय कर पाती हैं।

डीजल इंजन का उच्च कंप्रेशन अनुपात

डीजल इंजन पेट्रोल इंजन सेकहीं ज्यादा दबाव पर काम करता है। पेट्रोल इंजन का कंप्रेशन अनुपात आठ से बारह के बीच होता है। डीजल इंजन में यह अनुपात बीस या इससे भी अधिक हो सकता है। उच्च दबाव की वजह से ईंधन पूरी तरह और कुशलता से जलता है।

ईंधन का पूर्ण दहन बहुत महत्वपूर्ण होता है। इससे ईंधन की हर बूंद से अधिकतम शक्ति प्राप्त होती है। ईंधन बर्बाद नहीं होता और वाहन का माइलेज बढ़ जाता है। यह तकनीकी फायदा डीजल कारों को माइलेज में आगे रखता है।

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कंप्रेशन इग्निशन तकनीक का लाभ

पेट्रोल इंजन मेंस्पार्क प्लग की मदद से चिंगारी पैदा की जाती है। इस चिंगारी से पेट्रोल जलता है। डीजल इंजन इससे अलग तरीके से काम करता है। इसमें हवा को पहले बहुत अधिक दबाया जाता है। दबाने से हवा का तापमान बहुत बढ़ जाता है।

इस गर्म हवा में जब डीजल का इंजेक्शन दिया जाता है तो वह स्वतः जलने लगता है। इस प्रक्रिया को कंप्रेशन इग्निशन कहते हैं। इस तरह ईंधन का दहन अधिक नियंत्रित और कुशल होता है। ईंधन की बर्बादी कम होती है और माइलेज बढ़ता है।

कम आरपीएम पर बेहतर टॉर्क

डीजल इंजन कीएक और खासियत इसका टॉर्क कर्व है। डीजल इंजन कम आरपीएम पर ही अच्छा टॉर्क दे देता है। इसका सीधा फायदा हाइवे ड्राइविंग में मिलता है। इंजन पर कम दबाव पड़ता है और ईंधन की खपत कम होती है।

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लंबी दूरी की यात्रा के लिए डीजल कारें इसीलिए बेहतर मानी जाती हैं। शहर के भीड़भाड़ वाले ट्रैफिक में भी यह फायदा देखने को मिलता है। बार-बार गियर बदलने की जरूरत कम पड़ती है। इससे भी ईंधन की बचत होती है।

डीजल कारों के बेहतर माइलेज के पीछे यही मुख्य तकनीकी कारण हैं। ईंधन की उच्च ऊर्जा सघनता पहला कारण है। उच्च कंप्रेशन अनुपात दूसरा महत्वपूर्ण कारक है। कंप्रेशन इग्निशन तकनीक तीसरा बड़ा कारण बनती है।

कम आरपीएम पर बेहतर टॉर्ड भी माइलेज बढ़ाने में मदद करता है। इन सभी कारणों से डीजल कारें पेट्रोल कारों से आगे निकल जाती हैं। खासकर भारत जैसे बाजार में यह फायदा और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। यही वजह है कि लंबी दूरी के यात्रियों के लिए डीजल वाहन पहली पसंद बने रहते हैं।

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