Health News: कैंसर का इलाज रोगी और परिवार दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। यह सफर कष्टकारी और जटिल हो सकता है। उपचार के दौरान पोषण और शारीरिक गतिविधि से जुड़ी कई समस्याएं सामने आती हैं। ओंकोलाइफ कैंसर सेंटर की विशेषज्ञों से बात कर इन चुनौतियों के बारे में पता चला।
कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी जैसे उपचार बेहद जरूरी हैं। लेकिन इलाज के दौरान सही आहार भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। सही पोषण से रिकवरी में मदद मिलती है। विशेषज्ञ बताती हैं कि उपचार के दौरान रोगियों की भूख प्रभावित होती है।
उपचार के दौरान खानपान से जुड़ी मुख्य चुनौतियां
कई रोगियों को बहुत कम भूख लगने लगती है। कुछ की तो भूख पूरी तरह खत्म हो जाती है। इससे थकान और कमजोरी बढ़ जाती है। कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी के कारण उल्टी और मतली की समस्या आम है।
मुंह में छाले होना भी एक सामान्य दुष्प्रभाव है। खाने का स्वाद बदल जाता है। पेट से जुड़ी विभिन्न समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं। इन सब कारणों से मरीज ठीक से खाना नहीं खा पाते हैं।
पोषक तत्वों की कमी के गंभीर परिणाम
जब शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिलते, तो रोग से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है। संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इलाज के दुष्प्रभाव अधिक परेशान करने लगते हैं। कई मरीज कुपोषण का शिकार हो जाते हैं।
यह स्थिति रिकवरी प्रक्रिया को धीमा कर देती है। इसलिए उपचार के साथ-साथ पोषण पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। डॉक्टर और आहार विशेषज्ञ की सलाह से विशेष आहार योजना बनानी चाहिए।
कैंसर रोगियों के लिए आहार संबंधी सुझाव
सही आहार शरीर को ताकत देता है। यह कमजोर कोशिकाओं की मरम्मत में मदद करता है। प्रोटीन शरीर को ठीक करने का काम करता है। कार्बोहाइड्रेट से ऊर्जा मिलती है। विटामिन और खनिज रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं।
मरीज की स्थिति के अनुसार दाल, चावल और रोटी दी जा सकती है। फल और हरी सब्जियां भी जरूरी हैं। दूध, दही और अंडे प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी आवश्यक है।
यदि सामान्य भोजन न खा पा रहे हों तो क्या करें
अगर मरीज सामान्य खाना नहीं खा पा रहा है, तो विशेष आहार पर विचार किया जा सकता है। डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ की सलाह से पोषण पूरक दिए जा सकते हैं। तरल या अर्धतरल आहार भी एक विकल्प हो सकता है।
छोटे-छोटे अंतराल पर थोड़ा-थोड़ा खाना खिलाना चाहिए। एक बार में अधिक भोजन कराने से बचना चाहिए। भोजन को आकर्षक और स्वादिष्ट बनाने की कोशिश करनी चाहिए। इससे खाने की इच्छा बढ़ सकती है।
कैंसर रोगियों के लिए व्यायाम संबंधी सुझाव
मरीज का शरीर बहुत कमजोर हो जाता है। इस कारण नियमित शारीरिक गतिविधि करना मुश्किल होता है। लेकिन हर समय बिस्तर पर रहना सही नहीं है। डॉक्टर की सलाह से हल्की गतिविधियां कर सकते हैं।
थोड़ी देर टहलना फायदेमंद हो सकता है। हल्का योग या स्ट्रेचिंग भी की जा सकती है। इससे शरीर की ताकत बनी रहती है। मांसपेशियों की कमजोरी दूर होती है।
नियमित हल्की गतिविधि के फायदे
हल्की एक्सरसाइज से थकान कम होती है। मरीज मानसिक रूप से बेहतर महसूस करता है। नियमित गतिविधि से नींद अच्छी आती है। तनाव कम होता है और रिकवरी में मदद मिलती है।
शारीरिक सक्रियता रक्त संचार को बेहतर बनाती है। यह पाचन क्रिया में भी सहायक होती है। हड्डियों और जोड़ों को मजबूती मिलती है। समग्र स्वास्थ्य में सुधार होता है।
चिकित्सीय टीम के सहयोग की आवश्यकता
कैंसर उपचार के दौरान केवल दवाइयों पर ही निर्भर नहीं रहना चाहिए। सही पोषण और हल्की एक्सरसाइज पर भी ध्यान देना जरूरी है। डॉक्टर, आहार विशेषज्ञ और फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह से योजना बनानी चाहिए।
यह समन्वित दृष्टिकोण मरीज के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। सही खानपान और सक्रिय जीवनशैली प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती है। यह उपचार प्रक्रिया को प्रभावी बनाने में मदद करती है।
