Washington News: अमेरिका और ईरान के रिश्तों में एक बड़ा और हैरान करने वाला मोड़ आया है। हमेशा सख्त रहने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक ईरान सरकार की तारीफ की है। यह तारीफ 800 से ज्यादा राजनीतिक कैदियों की फांसी रोकने के लिए की गई है। ट्रंप ने इसे एक सम्मानजनक कदम बताया और ईरानी नेतृत्व को धन्यवाद दिया। यह नरमी दोनों देशों के बीच शांति की नई उम्मीद लेकर आई है।
ट्रंप का बदला हुआ तेवर
ईरान के खिलाफ अक्सर आग उगलने वाले डोनाल्ड ट्रंप ने इस बार सबको चौंका दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया और व्हाइट हाउस के जरिए ईरानी नेताओं को ‘शुक्रिया’ कहा। ट्रंप का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की जान बख्शना एक अच्छी पहल है। यह बदला हुआ व्यवहार बताता है कि अब अमेरिका लड़ाई के मूड में नहीं है। वे अब टकराव की जगह कूटनीतिक बातचीत के जरिए शांति चाहते हैं।
मौत के मुंह से लौटे 800 लोग
ईरान में लंबे समय से सरकार विरोधी प्रदर्शन चल रहे थे। इसके बाद सरकार ने वहां 800 से अधिक लोगों को फांसी की सजा देने की तैयारी कर ली थी। ट्रंप ने बताया कि उनकी नजर इस पूरे मामले पर बनी हुई थी। ईरान ने जैसे ही फांसी रोकने का फैसला लिया, ट्रंप ने तुरंत इसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि 800 जिंदगियों को बचाना एक बहुत बड़ा और सही फैसला है।
टल गया युद्ध का खतरा
कुछ दिन पहले तक हालात काफी तनावपूर्ण थे। ट्रंप ने साफ चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने अपने लोगों को मारा, तो अमेरिकी सेना चुप नहीं बैठेगी। उस वक्त युद्ध का खतरा मंडरा रहा था। लेकिन अब माहौल पूरी तरह बदल गया है। धमकियों की जगह अब ‘धन्यवाद’ ने ले ली है। इस घटना से संकेत मिलते हैं कि मध्य पूर्व में तनाव कम होगा और दोनों देश अब बातचीत का रास्ता अपनाएंगे।
