राज्य सरकारों के पास कोरोना की वैक्सीन उपलब्ध नहीं है और केंद्र सरकार ने 1 मई से 18 वर्ष से लेकर 44 वर्ष के नागरिकों को कोरोना का टीका लगाने को घोषणा कर दी। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने हिमाचल प्रदेश वह केंद्र सरकार की कार्य शैली पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्यों को बिना वैक्सीन मुहैया करबाए आपदा के समय ऐसी कोरी घोषणाएं करना सरकारों को शोभा नहीं देता। एनएसयूआई प्रदेश सचिव रजत सिंह राणा ने यह आरोप लगाया कि देश में कोरोना की दूसरी लहर के लिए बीजेपी सरकार जिमेदार है। कोरोना के समय चुनावी रैलियों ने भारत के नागरिकों को मौत के मुख में धकेल दिया। हिमाचल की जयराम सरकार ने भी चुनावी फायदे के लिए नगर निगम के चुनाव हिमाचल में करबाए और आज हजारों हिमाचली नागरिक अपने प्रियजनों को खो रहे है। देश और प्रदेश में होता यह नर संहार केवल चुनावी लालसा की उपज है। इसलिए नैतिकता के आधार पर इन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।

हम केंद्र सरकार से यह मांग करते है कि पूरे देश मे कोरोना वैक्सीन मुक्त लगनी चाहिए। परन्तु टीका की उपलब्धता पर सरकार को गंभीर रहने की चेतावनी भी दी है क्योंकि ये मुद्दा आम जनता से जुड़ा हुआ है।

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