Meerut News: मेरठ के कपसाड़ में हुए हत्याकांड ने सबको झकझोर दिया है। पीड़िता रूबी ने अपनी मां की हत्या का आंखों देखा हाल बताया है। उसने खुलासा किया कि आरोपी ने उसे दो घंटे तक जंगल में बंधक बनाकर रखा था। वह डर के मारे किसी से मदद भी नहीं मांग सकी। सोमवार को हुई काउंसिलिंग में रूबी ने उस खौफनाक मंजर से पर्दा उठाया।
फरसा मारा और तान दी बंदूक
रूबी ने आशा ज्योति केंद्र में अधिकारियों को पूरी कहानी बताई। घटना 8 जनवरी की सुबह की है। वह मां सुनीता के साथ खेत जा रही थी। तभी आरोपी ने उन्हें रोक लिया। उसने शॉल ओढ़ रखी थी। आरोपी ने गाली-गलौज शुरू कर दी। मां ने इसका विरोध किया। गुस्से में आरोपी ने शॉल से फरसा निकाला। उसने सीधे सुनीता के सिर पर वार कर दिया। रूबी मां को बचाने दौड़ी। उसने मां को गोद में उठाने की कोशिश की। तभी आरोपी ने उस पर तमंचा तान दिया। उसने धमकी दी, “चुपचाप साथ चल, वरना तुझे भी मार डालूंगा।”
जंगल में दो घंटे तक रखा कैद
रूबी ने बताया कि हत्या के बाद आरोपी उसे जबरन साथ ले गया। वह उसे गांव के बाहर ठेके के पीछे जंगल में ले गया। वहां उसे दो घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया। इसके बाद वे पैदल कुछ दूर चले। आरोपी ने एक ट्रक में लिफ्ट ली। वे पहले खतौली पहुंचे और फिर वहां से दिल्ली भाग गए। मां की मौत से रूबी गहरे सदमे में थी। उसका दिमाग काम करना बंद कर चुका था। इसी खौफ की वजह से वह रास्ते में किसी से मदद नहीं मांग पाई।
पुलिस के पहरे में भाई से हुई मुलाकात
कोर्ट के आदेश पर सोमवार को रूबी की काउंसिलिंग कराई गई। इस दौरान पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे। शाम को करीब 5:30 बजे उसे परिवार से मिलवाया गया। भाई नरसी पुलिस सुरक्षा में उससे मिलने पहुंचा। दोनों करीब पौने घंटे तक बात करते रहे। रूबी अभी भी डरी हुई है। उसे वन-स्टॉप सेंटर में रखा गया है। केंद्र के बाहर पुलिस का कड़ा पहरा लगाया गया है।
गांव बना छावनी, आधार कार्ड से एंट्री
कपसाड़ गांव में तनाव अब भी बरकरार है। पुलिस ने गांव को छावनी में बदल दिया है। पांचवें दिन भी गांव की सीमाएं सील रहीं। पुलिस हर आने-जाने वाले का आधार कार्ड चेक कर रही है। केवल गांव के लोगों को ही अंदर जाने दिया जा रहा है। बाहरी लोगों और मीडिया की एंट्री पूरी तरह बंद है। पीड़ित परिवार के घर पर भी कड़ा पहरा है। पड़ोसियों को भी उनसे मिलने की इजाजत नहीं है। सलावा और अटेरना पुल पर भी पुलिस सघन चेकिंग अभियान चला रही है।
