West Bengal News: पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट में सुधार (SIR) को लेकर राजनीतिक घमासान मच गया है। हालात तब बिगड़ गए जब चुनाव आयोग के पर्यवेक्षक की गाड़ी पर भीड़ ने हमला कर दिया। आयोग ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है। चुनाव आयोग ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) से सख्त लहजे में जवाब मांगा है। आयोग ने 6 जनवरी की शाम 5 बजे तक घटना पर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट जमा करने का आदेश दिया है। आयोग का कहना है कि चुनाव अधिकारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य पुलिस की है।
चुनाव अधिकारी की कार पर बरसाई लाठियां
यह घटना 29 दिसंबर की है। मगराहाट में एक SIR सुनवाई केंद्र के पास भारी हंगामा हुआ। प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने विशेष पर्यवेक्षक सी. मुरुगन की गाड़ी को घेर लिया। गुसाई भीड़ ने वाहन पर लाठियां बरसाईं और तोड़फोड़ की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। भीड़ ने सरकारी कामकाज में बाधा डाली और अधिकारी का रास्ता रोका। West Bengal News में चुनाव अधिकारियों पर हमले की यह पहली घटना नहीं है।
पुलिस की लापरवाही पर आयोग नाराज
चुनाव आयोग की जांच में पुलिस प्रशासन की गंभीर लापरवाही सामने आई है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दौरे की जानकारी पहले ही दे दी गई थी। स्थानीय पुलिस अधीक्षक (SP) और उप-विभागीय अधिकारी को इसके बारे में पता था। इसके बावजूद अधिकारी को पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी गई। पर्यवेक्षक को बिना सुरक्षा बल के ही संवेदनशील इलाके से गुजरना पड़ा। आयोग की फटकार के बाद पुलिस ने 30 से 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
अब कड़ी सुरक्षा में होगा काम
आयोग ने साफ कर दिया है कि कर्मचारियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। इससे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त के दफ्तर पर भी हमला हुआ था। इसके बाद प्रदेश के मुख्य चुनाव आयुक्त को Y+ (वाई प्लस) सुरक्षा दी गई है। आयोग ने निर्देश दिया है कि भविष्य में जब भी कोई पर्यवेक्षक दौरे पर जाए, तो वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उनके साथ जरूर मौजूद रहें। West Bengal News के मुताबिक, वोटर लिस्ट संशोधन को लेकर टीएमसी और कांग्रेस समेत कई दल विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

