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West Bengal News: संदेशखाली में फिर खूनी खेल! TMC नेता को पकड़ने गई पुलिस पर जानलेवा हमला, 6 जवान घायल

West Bengal News: पश्चिम बंगाल का संदेशखाली एक बार फिर हिंसा की आग में जल उठा है। यहां एक टीएमसी (TMC) नेता को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर भीड़ ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में एक अधिकारी समेत 6 पुलिसकर्मी बुरी तरह घायल हो गए हैं। यह घटना West Bengal के न्याजत थाना क्षेत्र में हुई, जिसने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

TMC नेता मूसा मोल्ला पर क्यों थी पुलिस की नजर?

पुलिस जिस नेता को पकड़ने गई थी, उसका नाम मूसा मोल्ला है। वह इलाके में तृणमूल कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता है। मूसा पर West Bengal के इस क्षेत्र में अवैध रूप से जमीन कब्जाने का आरोप है। जिस जमीन को लेकर विवाद था, वहां कोर्ट के आदेश पर धारा 144 लागू थी। इसके बावजूद शुक्रवार रात वहां अवैध निर्माण और दीवार बनाने का काम चल रहा था। पुलिस को जैसे ही इसकी भनक लगी, टीम मौके पर पहुंच गई।

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पुलिस को देखते ही शुरू हो गया पथराव

पुलिस ने जैसे ही अवैध निर्माण रोकने की कोशिश की, मूसा मोल्ला के समर्थकों ने उन पर हमला बोल दिया। उपद्रवियों ने पुलिस के वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की। इस अचानक हुए हमले में पुलिस को संभलने का मौका नहीं मिला। भीड़ के गुस्से का शिकार होकर 6 पुलिसकर्मी घायल हो गए। West Bengal पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जवाबी कार्रवाई की और आरोपी टीएमसी नेता को हिरासत में ले लिया।

एक्शन मोड में पुलिस: 9 उपद्रवी गिरफ्तार

इस दुस्साहसिक हमले के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। संदेशखाली पुलिस ने छापेमारी करके अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा, बोयरमारी-2 ग्राम पंचायत के प्रधान और उप-प्रधान को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। West Bengal प्रशासन ने इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

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चुनाव से पहले फिर सुलगा संदेशखाली

West Bengal विधानसभा चुनाव 2026 से पहले संदेशखाली में हुई यह हिंसा सियासत को गरमा सकती है। यह इलाका पहले भी ऐसी घटनाओं का गवाह रहा है। आपको याद दिला दें कि 5 जनवरी 2024 को यहीं ईडी (ED) की टीम पर भी जानलेवा हमला हुआ था। उस समय शाहजहां शेख के घर छापेमारी करने गई टीम को 800 से 1000 लोगों ने घेर लिया था। अब मूसा मोल्ला के मामले ने एक बार फिर पुरानी यादें ताजा कर दी हैं।

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