Shimla News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के जुन्गा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां स्थित पुराने राजमहल में भयानक आग लग गई। इस आग ने पारिवारिक देवी-देवताओं के प्राचीन मंदिर को भारी नुकसान पहुंचाया है। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि यह हादसा नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई आगजनी है। हिमाचल प्रदेश पुलिस अब हर पहलू से मामले की तफ्तीश कर रही है।
साजिश की आशंका और FIR दर्ज
ओल्ड जुन्गा के पैलेस निवासी खुश विक्रम सेन ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी ने द्वेष भावना से महल और मंदिर को आग के हवाले किया। उनका मानना है कि आरोपी का मकसद ऐतिहासिक धरोहर को नष्ट करना था। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 326 (जी) के तहत अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर सबूत जुटाने में लगी है।
धुएं के बीच देवताओं की तलाश
राजमहल की दूसरी मंजिल पर आराध्य देवी का मंदिर स्थापित था। वहां कई प्राचीन मूर्तियां और पूजा का सामान रखा हुआ था। आग तो बुझा दी गई है, लेकिन महल के अंदर से अभी भी धुआं उठ रहा है। हिमाचल प्रदेश के इस ऐतिहासिक भवन के मलबे में लोग देवता जुन्गा के मोहरों (मूर्तियों) को तलाश रहे हैं। क्योंथल क्षेत्र के सैकड़ों लोग पिछले दो दिनों से कार सेवा कर रहे हैं ताकि मंदिर के अवशेषों को सुरक्षित निकाला जा सके।
पूरे क्षेत्र की आस्था का केंद्र
देवता जुन्गा पूरे क्योंथल इलाके के मुख्य देवता माने जाते हैं। इतिहास के अनुसार, पुरानी क्योंथल रियासत का विस्तार काफी बड़ा था। इसके तहत 18 ठकुराइयां आती थीं और हर क्षेत्र में जुन्गा देवता का स्थान है। इन सभी का मूल मंदिर इसी जले हुए राजमहल के भीतर था। मंदिर साल में ज्यादातर समय बंद रहता था और हर छह महीने में यहां विशेष पूजा होती थी। इस घटना से स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाओं को गहरा आघात लगा है।

