सवर्ण आयोग की माँग करने वाले के खोखले ज्ञान और दोगले मूल्य का नँगा नाच है शिलाई विवाह समारोह की वायरल वीडियो

सिरमौर। सिरमौर के शिलाई क्षेत्र में किसी समारोह का एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमे बाकायदा लाउड स्पीकर से अनाउंसमेंट की जा रही है कि भोजन की व्यवस्था जातिय आधार पर लाइन खींच कर की गई है। कहा जा रहा है कि हरिजन लाइन के उस तरफ बैठें और दूसरी जातियां दूसरी तरफ।

दलित शोषण मुक्ति मंच के जिला संयोजक आशीष कुमार ने कहा कि मंच इस तरह के कृत्य की कड़ी निंदा करता है। आशीष कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में दलित वर्ग के साथ इस तरह की घटनाएं आये दिन होती रहती है और इस तरह की अदृश्य लाइनें स्पष्ट खिंची रहती है जिसका न कभी कोई पार्टी और न ही कोई बुद्धिजीवी वर्ग विरोध करता है, क्योंकि अधिकांश तथाकथित बुद्धिजीवी मात्र पब्लिसिटी के लिए तो मंचो पर इस प्रकार की घटनाओँ की निंदा करते तो दिखते है परन्तु कभी भी मौके पर इस प्रकार की घटनाओं का विरोध नही करते।

आरक्षित वर्ग से चुने गए और चुनाव लड़ने वाले प्रतिनिधि विनय कुमार, रीना कश्यप, सुरेश कश्यप बलबीर चौहान, दयाल प्यारी क्या इसका विरोध करने जुटा सकते है साहस
– आशीष कुमार, दलित शोषण मुक्ति मंच

आशीष कुमार ने कहा कि आज जब हम 2022 में प्रवेश कर चुके है और इस तरह की घटनाएं हो रही है तो ये विडिओ आरक्षण का विरोध करने वाले उन नेताओं को जरूर देखनी चाहिए जो स्वर्ण आयोग की हिमायत करते है। आशीष कुमार ने कहा कि सोशल मीडिया पर लगातार आरक्षण को कोसने वालों का इस वीडियो को देख कर कोई भी प्रतिक्रिया नही आई, आशीष कुमार ने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को हर जगह कदम कदम पर इस तरह के अपमानों से रूबरू होना पड़ता है, परन्तु इस तरह के परिदृश्य में में भी अगर कोई व्यक्ति दलित समाज का अपनी मेहनत और प्रतिभा से आगे निकल जाता है तो उसकी प्रतिभा पर आरक्षण का लेवल लगा कर उसके योगदान को कम करने की कोशिश की जाती है।

आशीष कुमार ने कहा कि आज प्रदेश के अन्दर जान बूझ कर दलित विरोधी माहौल बनाया जा रहा है, चाहे वो अभी आरक्षित वर्ग से आये विधायकों का विरोध हो, ये एजेंडा समाज को तोड़ने के लिए किया जा रहा है ताकि शोषण कारी व्यवस्था को बरकार रख सके। आशीष कुमार ने सीधे तौर पर जिला सिरमौर के आरक्षित सीट से चुने हुए विधायकों चाहे वो कांग्रेस के विनय कुमार हो, भाजपा की रीना कश्यप हो, भाजपा के नेता अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष रेणुका से बलबीर चौहान हो, शिमला संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग कश्यप हो और समाज को तोडने वाली ताकतों के गिरफ्तार होने पर पीड़ा में जाने वाली पूर्व जिला परिषद अध्यक्षा दयाल प्यारी हो। उनसे में भी साफ साफ पूछा है स्वयं के लिए तो तालियों की गड़गड़ाहट और फूल मालाओं से लदने की जितनी खुशी मिलती है क्या इस तरह की घटना से आज उन लोगों को पीड़ा नही होती।

आशीष कुमार ने कहा कि जिन्दान हत्याकांड पर खमोश रहने वाले ये नेता क्या ये लोग इस घटना का विरोध करने की हिम्मत कर सकते है, आशीष कुमार ने अभी नाहन पहुंचने पर अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष वीरेंद्र कश्यप को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि वीरेंद्र कश्यप का ये कहना कि संविधानिक दायरे में सवर्ण आयोग बनना चाहिए, ये भी अपने आप मे उनका दोगला चरित्र दर्शाता है, क्योंकि उन्हें या तो संविधान का ज्ञान नही या फिर वो जान बूझ कर या किसी डर से साफ शब्दों में ये नही कह पाए कि आयोग किनके लिए बनाए जाते है। जो व्यक्ति साफ स्पष्ट शब्दों में अपनी बात नही रख सकते ऐसे शख्स का अनुसूचित जाति आयोग का अध्य्क्ष बनाना भी दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि ये मात्र उतना ही बोलने की हिमाकत करेंगे जितना इन्हें सिखाया जाएगा।

आशीष कुमार ने कहा कि ये वीडियो सवर्ण आयोग की माँग करने वाले उन नेताओं को देखनी चाहिए जो ये कहते है कि हम सभी से समान व्यवहार करते है हम उनको बताना चाहेंगे कि की किस तरह तुम्हार खोखला ज्ञान और दोगले मूल्य कैसे नँगा नाच कर रहे है। दलित शोषण मुक्ति मंच जिला सिरमौर इस तरह की घटनाओं की निंदा करता है और प्रशासन से माँग करता है कि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जाए, क्योंकि समाज के हर वर्ग के स्वाभिमान की रक्षा भी राज्य का कर्तव्य है, इसलिए इस वीडियो का संज्ञान लेते हुए व्यक्ति पर तुरन्त कार्रवाई हो क्योंकि अतरिक्त पुलिस अधीक्षक को भी इस वीडियो को भेजा गया है ताकि कार्रवाई हो सके।

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