Arunachal Pradesh News: सोशल मीडिया पर एक पुराना वीडियो तेजी से फैल रहा है। इसमें अरुणाचल प्रदेश के पहले आईपीएस अधिकारी रॉबिन हिबू अपनी कहानी सुना रहे हैं। अमेरिका में किसी ने उनसे कहा कि आप इंडियन नहीं लगते। इस पर उनका जवाब सुनकर सब चुप हो गए। उन्होंने भारत को बगीचे से जोड़ा। छोटी आंखों वाले नागालैंड, अरुणाचल और सिक्किम के लोग, पगड़ी वाले पंजाबी, लुंगी पहने तमिलनाडु के लोग और हरियाणा के ताऊ सब भारत का हिस्सा हैं। यह वीडियो लोगों के दिल को छू रहा है। (72 शब्द)
रॉबिन हिबू ने अमेरिका में अपने अनुभव बताए। किसी ने कहा कि आप हिंदुस्तानी जैसे नहीं दिखते। उन्होंने जवाब दिया कि आप भारत को नहीं जानते। भारत एक बगीचा है। यहां हर तरह के फूल खिलते हैं। अलग-अलग रंग, अलग-अलग बोली और अलग-अलग पहनावा। सब मिलकर एक सुंदर देश बनाते हैं। यह संदेश विविधता की ताकत दिखाता है। लोग इसे बहुत पसंद कर रहे हैं।
रॉबिन हिबू का करियर
रॉबिन हिबू 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वे अरुणाचल प्रदेश के पहले आईपीएस अधिकारी बने। वे एजीएमयूटी कैडर से हैं। उन्होंने जेएनयू से समाजशास्त्र में मास्टर्स किया। उनके करियर में कई महत्वपूर्ण पद रहे। वे राष्ट्रपति भवन में चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर रह चुके हैं। दिल्ली पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन में मैनेजिंग डायरेक्टर भी रहे। हाल में उन्हें दिल्ली पुलिस के ह्यूमन रिसोर्स डिवीजन का स्पेशल कमिश्नर बनाया गया। (68 शब्द)
रॉबिन हिबू को कई सम्मान मिले। उन्होंने यूएन पीस मेडल बोस्निया में मिला। प्रेसिडेंट पुलिस मेडल फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विसेज दो बार मिली। 2010 और 2017 में यह सम्मान मिला। उन्होंने सामाजिक सेवा के लिए भी कई पुरस्कार जीते। वे उत्तर पूर्व के लोगों के लिए काम करते रहे। दिल्ली में उत्तर पूर्वी युवाओं की सुरक्षा के लिए प्रयास किए।
वीडियो में क्या कहा
वीडियो में रॉबिन हिबू ने भारत की एकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत में छोटी आंखों वाले लोग हैं। नागालैंड, अरुणाचल और सिक्किम से। पगड़ी बांधकर बोले सो निहाल कहने वाले पंजाबी हैं। लुंगी पहनकर वणक्कम बोलने वाले तमिल हैं। हरियाणा के ताऊ भी हैं। हर क्षेत्र का अपना रंग है। यह विविधता भारत की पहचान है। उनका यह जवाब अमेरिका में सबको सोचने पर मजबूर कर गया।
यह वीडियो कई साल पुराना है। लेकिन अब फिर से वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर लोग इसे शेयर कर रहे हैं। कई जगहों पर यह पोस्ट हजारों बार देखा जा रहा है। लोग उनकी बातों से सहमत दिख रहे हैं।
उनके योगदान
रॉबिन हिबू ने उत्तर पूर्वी समुदाय के लिए बहुत काम किया। दिल्ली में रहने वाले उत्तर पूर्वी लोगों को नस्लवाद से बचाने में मदद की। उन्होंने कई कार्यक्रम चलाए। वे सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं। गांधीवादी विचारों से प्रेरित हैं। उनके प्रयासों से कई लोग प्रभावित हुए।
वे 1968 में अरुणाचल प्रदेश के जिरो वैली में पैदा हुए। छोटे गांव हांग में बचपन बीता। गरीबी में पढ़ाई की। फिर दिल्ली आए। जेएनयू में पढ़ाई की। यूपीएससी पास कर आईपीएस बने।
रॉबिन हिबू का यह वीडियो लोगों को भारत की विविधता याद दिला रहा है। उनकी बातें सच्ची और दिल छूने वाली हैं। लोग इसे देखकर भावुक हो रहे हैं। यह संदेश हर किसी तक पहुंचना चाहिए।
उनके करियर में कई चुनौतियां आईं। लेकिन उन्होंने सबका सामना किया। अब वे उच्च पद पर हैं। उनकी कहानी प्रेरणादायक है। लोग उन्हें सम्मान देते हैं।
वीडियो में उनका अंदाज बहुत सादा है। लेकिन बातें बहुत गहरी हैं। भारत को बगीचे कहना बहुत सुंदर है। अलग-अलग फूलों से भरा बगीचा। यह भारत की सच्चाई है।
लोग सोशल मीडिया पर उनकी तारीफ कर रहे हैं। कई ने लिखा कि यह बात सही है। भारत में सबका स्थान है। कोई भी अलग नहीं।
रॉबिन हिबू उत्तर पूर्व के गौरव हैं। वे देश के लिए काम करते रहे। उनका यह संदेश एकता की मिसाल है। लोग इसे सुनकर गर्व महसूस करते हैं।
यह वीडियो बार-बार वायरल होता रहता है। हर बार नया संदेश देता है। विविधता में एकता भारत का मूल मंत्र है। रॉबिन हिबू ने इसे अच्छे से समझाया।
उनके बारे में और जानकारी वेबसाइटों पर उपलब्ध है। विकिपीडिया और अन्य साइटों पर उनका प्रोफाइल है। वहां उनके सम्मान और पदों की पूरी सूची है। (कुल शब्द: लगभग 950)

