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उपराष्ट्रपति इस्तीफा: जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से छोड़ा पद, जानें अगले चुनाव के बारे क्या कहता है संविधान

India News: भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया। धनखड़ ने कहा कि वह चिकित्सीय सलाह के अनुसार तत्काल प्रभाव से पद छोड़ रहे हैं। 2022 में 14वें उपराष्ट्रपति बने धनखड़ का कार्यकाल 2027 तक था। उनके इस्तीफे से उपराष्ट्रपति पद खाली हो गया। अब नए उपराष्ट्रपति के लिए चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

इस्तीफे का कारण और पत्र

जगदीप धनखड़ ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में कहा कि वह स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे रहे हैं। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 67(ए) के तहत इस्तीफा दिया। धनखड़ ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सांसदों का समर्थन के लिए आभार जताया। उन्होंने अपने कार्यकाल को भारत के विकास का महत्वपूर्ण समय बताया। मार्च 2025 में उन्हें कार्डियक समस्याओं के कारण एम्स में भर्ती किया गया था। इस्तीफा मानसून सत्र के पहले दिन सौंपा गया।

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उपराष्ट्रपति का महत्व और भूमिका

उपराष्ट्रपति भारत का दूसरा सबसे बड़ा संवैधानिक पद है। यह राज्यसभा का सभापति भी होता है। जगदीप धनखड़ ने 2022 से इस पद को संभाला था। उनके इस्तीफे से राज्यसभा की कार्यवाही पर असर पड़ सकता है। संविधान के अनुसार, उपराष्ट्रपति की रिक्ति जल्द से जल्द भरी जानी चाहिए। धनखड़ तीसरे उपराष्ट्रपति हैं जिन्होंने कार्यकाल पूरा होने से पहले इस्तीफा दिया। इससे पहले वीवी गिरी और आर वेंकटरमण ने भी ऐसा किया था।

उपराष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है?

संविधान के अनुच्छेद 66 के तहत उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों के सदस्य करते हैं। इसमें राज्यसभा के निर्वाचित और मनोनीत सदस्य और लोकसभा के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं। सभी सांसदों के वोट का मूल्य समान होता है। चुनाव गुप्त मतदान के जरिए संसद भवन में होता है। चुनाव आयोग लोकसभा और राज्यसभा के महासचिव को रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त करता है। नया उपराष्ट्रपति जल्द चुना जाएगा।

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उपराष्ट्रपति बनने की योग्यता

उपराष्ट्रपति बनने के लिए उम्मीदवार की आयु 35 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। उसे राज्यसभा का सदस्य बनने की योग्यता पूरी करनी होगी। वह सरकार या किसी सार्वजनिक प्राधिकरण के अधीन लाभ का पद नहीं धारण कर सकता। जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद नया उपराष्ट्रपति चुनने की प्रक्रिया शुरू होगी। संविधान के अनुसार, रिक्ति भरने के लिए जल्द चुनाव कराना आवश्यक है। इस प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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