Washington News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला को लेकर एक बहुत बड़ा धमाका किया है। उन्होंने बताया कि वेनेजुएला की नई सरकार अमेरिका को करोड़ों बैरल तेल देने जा रही है। डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक, इस तेल की बिक्री से जो पैसा आएगा, वह सीधे उनके कंट्रोल में रहेगा। उन्होंने साफ कहा कि यह पैसा दोनों देशों के लोगों की भलाई में खर्च होगा।
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर यह बात लिखी। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि वेनेजुएला की अंतरिम सरकार 30 से 50 मिलियन बैरल तेल अमेरिका को सौंप रही है। यह तेल बहुत अच्छी क्वालिटी का है। इसे बाजार के भाव पर बेचा जाएगा। डोनाल्ड ट्रंप ने ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट को तुरंत काम शुरू करने का आदेश दिया है। यह तेल जहाजों के जरिए अमेरिका के बंदरगाहों पर लाया जाएगा।
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद बदला खेल
यह फैसला निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के तुरंत बाद आया है। कुछ दिन पहले ही अमेरिकी सेना ने एक ऑपरेशन में मादुरो को पकड़ा था। इसके बाद से वहां की राजनीति बदल गई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि डोनाल्ड ट्रंप अब वेनेजुएला के तेल भंडार पर अमेरिका की पकड़ मजबूत कर रहे हैं। मादुरो के हटते ही अमेरिका ने वहां के संसाधनों पर अपनी रणनीति साफ कर दी है।
अरबों डॉलर का है यह तेल सौदा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह तेल करीब 2.8 अरब डॉलर (हजारों करोड़ रुपये) का हो सकता है। यह वेनेजुएला के करीब 50 दिनों के कुल उत्पादन के बराबर है। अमेरिका खुद दुनिया में सबसे ज्यादा तेल निकालता है। इसके बावजूद वेनेजुएला का तेल उनके लिए बहुत खास है। डोनाल्ड ट्रंप जानते हैं कि वहां दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है। आर्थिक संकट के कारण वहां उत्पादन गिर गया था, जिसे अब अमेरिका संभालना चाहता है।
व्हाइट हाउस में होगी बड़ी बैठक
इस तेल को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ी तैयारी की है। व्हाइट हाउस में 9 जनवरी को एक अहम बैठक बुलाई गई है। इसमें बड़ी अमेरिकी तेल कंपनियों के मालिक शामिल होंगे। शेवरॉन और एक्सॉनमोबिल जैसी कंपनियों के अधिकारी वहां मौजूद रहेंगे। बैठक में तय होगा कि अमेरिकी कंपनियां वेनेजुएला में कैसे काम करेंगी। वहीं, वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने कहा है कि उनका भविष्य कोई और नहीं, बल्कि ईश्वर तय करेगा।
