Caracas: वेनेजुएला में मचे सियासी घमासान के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अब देश की बागडोर डेल्सी रोड्रिग्ज (Delcy Rodriguez) के हाथों में सौंप दी गई है। World News की सुर्खियों में छाए इस घटनाक्रम में सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को एक अहम आदेश जारी किया। कोर्ट ने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को देश का अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त कर दिया है। यह फैसला मादुरो की अमेरिकी सेना द्वारा गिरफ्तारी के तुरंत बाद लिया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने दी राष्ट्रपति की शक्तियां
वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट के संवैधानिक चैंबर ने अपने आदेश में स्थिति स्पष्ट कर दी है। कोर्ट ने कहा कि निकोलस मादुरो की गैरमौजूदगी में रोड्रिग्ज ही राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारियां संभालेंगी। देश की सुरक्षा और प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है। इस आदेश के साथ ही रोड्रिग्ज को राष्ट्रपति की सभी शक्तियां मिल गई हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि वह जल्द ही इस पर बहस करेगा कि राष्ट्रपति की ‘जबरन गैरमौजूदगी’ में देश की संप्रभुता की रक्षा कैसे की जाए।
संविधान के तहत संभाली कमान
वेनेजुएला का संविधान ऐसी स्थितियों के लिए स्पष्ट निर्देश देता है। संविधान के अनुच्छेद 233 और 234 के अनुसार, राष्ट्रपति की अनुपस्थिति (चाहे अस्थायी हो या स्थायी) में उपराष्ट्रपति ही कमान संभालता है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, रोड्रिग्ज ने शनिवार दोपहर स्थानीय समयानुसार आधिकारिक तौर पर पदभार ग्रहण कर लिया। मादुरो और उनकी पत्नी के पकड़े जाने के कुछ घंटों बाद ही उन्होंने नेशनल डिफेंस काउंसिल की अहम बैठक की अध्यक्षता की।
‘जो हमारे साथ हुआ, वो किसी के साथ भी हो सकता है’
निकोलस मादुरो की सबसे भरोसेमंद सहयोगी मानी जाने वाली डेल्सी रोड्रिग्ज इससे पहले देश की वित्त और तेल मंत्री भी थीं। पद संभालने के बाद उन्होंने सरकारी टीवी पर एक कड़ा संदेश दिया। उन्होंने अमेरिकी हमले को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया। रोड्रिग्ज ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा, “हम महान मातृभूमि के लोगों से एकजुट रहने का आह्वान करते हैं। आज वेनेजुएला के साथ जो हुआ है, वह कल किसी भी देश के साथ हो सकता है।”

