World News: वेनेजुएला में तेजी से बदल रहे राजनीतिक घटनाक्रम ने दुनिया का ध्यान खींचा है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 150 से अधिक अमेरिकी लड़ाकू विमान राजधानी काराकास पहुंचे। साथ ही राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिए जाने की सूचनाएं सामने आई हैं।
इस विकास के बाद अमेरिका की कार्रवाई पर वैश्विक बहस तेज हो गई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक सख्त बयान जारी किया है। उन्होंने दुनिया भर की सरकारों को एक स्पष्ट चेतावनी दी है।
रुबियो ने दी चेतावनी
मार्कोरुबियो ने कहा कि वेनेजुएला के खिलाफ यह कदम केवल एक देश तक सीमित नहीं है। यह उन सभी नेताओं के लिए एक संदेश है जो अमेरिकी राष्ट्रीय हितों के विरुद्ध कार्य करते हैं। उन्होंने मादुरो को देश का नेतृत्व करने के लिए अयोग्य बताया।
रुबियो ने दावा किया कि मादुरो को वैध राष्ट्रपति न मानने वालों में केवल अमेरिका नहीं है। यूरोपीय संघ सहित कई देशों ने भी उन्हें मान्यता नहीं दी है। यह स्थिति पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप से लेकर वर्तमान प्रशासन में बनी हुई है।
मादुरो के खिलाफ था इनाम
अमेरिकीविदेश मंत्री ने 2020 का एक पुराना मामला याद दिलाया। उस वर्ष अमेरिका ने मादुरो के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया था। साथ ही उनकी गिरफ्तारी के लिए 5 करोड़ डॉलर का इनाम भी घोषित किया गया था।
रुबियो के अनुसार मादुरो को बार-बार स्थिति सुधारने का मौका दिया गया। पर उन्होंने हर बार वही रास्ता चुना जो अमेरिका के लिए चुनौतीपूर्ण था। इसने वाशिंगटन की प्रतिक्रिया को अनिवार्य बना दिया।
कार्रवाई के पीछे के कारण
मार्कोरुबियो ने इस कार्रवाई के कई कारण गिनाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मादुरो ने ईरान को वेनेजुएला में दखल देने का निमंत्रण दिया। साथ ही अमेरिकी तेल कंपनियों की संपत्ति पर भी कब्जा किया गया।
उनके अनुसार मादुरो प्रशासन ने अमेरिका में सक्रिय आपराधिक गिरोहों को संरक्षण दिया। अमेरिकी व्यापारिक हितों को भी जानबूझकर नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। इन सभी कारणों ने कार्रवाई को जरूरी बना दिया।
ट्रंप प्रशासन की भूमिका
रुबियोने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जिक्र करते हुए एक महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि अमेरिका का 47वें राष्ट्रपति के रूप में फिर से चुना जाना एक संदेश है। ट्रंप केवल दिखावटी बयानबाजी नहीं करते बल्कि उन पर अमल भी करते हैं।
यह बयान उस समय आया है जब ट्रंप ने वेनेजुएला पर कार्रवाई की घोषणा की है। इस घोषणा ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई उथल-पुथल शुरू कर दी है। कई देश इस कदम पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार वेनेजुएला में राजनीतिक संकट पिछले एक दशक से जारी है। देश गंभीर आर्थिक संकट और अतिशयोक्तिपूर्ण मुद्रास्फीति का सामना कर रहा है। इसने जनता में व्यापक असंतोष पैदा किया है।
इस पृष्ठभूमि में अमेरिकी कार्रवाई को देखा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब यह देख रहा है कि इस कदम के क्या परिणाम आते हैं। वेनेजुएला का भविष्य अब वैश्विक भू-राजनीति के केंद्र में है।

