सामाजिक कार्यकर्ता रवि कुमार दलित की अध्यक्षता में सब्जी वालों का एक प्रतिनिधिमंडल एडीसी शिमला से मिला। उन्होंने कहा कि हम डीसी शिमला से मिलना चाहते थे। क्योंकि आजकल शिमला सब्जी मंडी से निर्धारित रेटों को उपनगरों में लागू किया जा रहा है। जिसका सीधा नुकसान उपनगरों के दुकानदारों को हो रहा है।

रवि कुमार में बताया कि हम चाहते थे कि डीसी शिमला से इस बात को लेकर मिले, लेकिन डीसी शिमला नहीं मिले। हमने एडीसी शिमला से मुलाकात की है। एडीसी शिमला ने हमारी मांगों को विस्तार से सुना है। जिसमें सब्जी की वेस्टीज सब्जी के रेट ढली सब्जी मंडी के हिसाब से तय नहीं होते हैं, शिमला सब्जी मंडी के हिसाब से संजौली में आकर और उप नगरों में विभागीय कर्मचारी कार्यवाही करते हैं और चालान कर देते हैं।

सब्जी विक्रेताओं ने विस्तार से सारी समस्या एडीसी शिमला को बताई। रवि कुमार ने बताया कि लोग शिमला सब्जी मंडी के रेट पढ़कर सब्जी विक्रेताओं पर गुस्सा हो जाते हैं और कई बार आम लोग सब्जी विक्रेताओं को चोर कहने से भी गुरेज नहीं करते। रवि कुमार ने कहा कि सब्जी विक्रेताओं का भी मान और सम्मान है, हमारे भी बच्चे हैं और हम निष्पक्ष ढंग से जनता की सेवा में लगे हुए है। जबसे करोना महामारी शुरू हुई है तब से आज तक जो प्रशासन ने हमें दंड दिया हमने उसे सर माथे रखता है। अब पानी सिर से ऊपर हो गया है। अब हमने एडीसी शिमला के समक्ष सारी बात रख दी है।

रवि कुमार ने सरकार चेताते हुए कहा कि आज सिर्फ मुलाकात को लेकर ही हमारा पूरा ध्यान था, लेकिन अगर इस मामले में शीघ्र अति शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया। तो सभी सब्जी विक्रेताओं को मजबूर होकर अगला कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे।

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