Guwahati News: रेल यात्रियों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। देश की पहली Vande Bharat Sleeper Train के रूट पर सस्पेंस खत्म हो गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को इसका आधिकारिक ऐलान कर दिया। भारत की यह पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन गुवाहाटी और कोलकाता के बीच दौड़ेगी। अभी तक देश में केवल चेयर कार वाली वंदे भारत ट्रेनें चल रही थीं। अब यात्री इस ट्रेन में लेटकर आराम से रात का सफर पूरा कर सकेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही इस ऐतिहासिक सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे।
जनवरी में ही शुरू हो जाएगा सफर
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, इस ट्रेन के सभी ट्रायल और सुरक्षा परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो यह ट्रेन जनवरी महीने में ही पटरी पर दौड़ने लगेगी। इसके उद्घाटन की संभावित तारीख 17 या 18 जनवरी बताई जा रही है। रेलवे का लक्ष्य 15 से 20 जनवरी के बीच इसे शुरू करने का है। यह नई सेवा पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के बीच कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगी। यह ट्रेन छात्रों, व्यापारियों और पर्यटकों के लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित होगी।
सीटों और कोच का पूरा गणित
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सुविधाओं के मामले में काफी हाईटेक है। इसमें कुल 16 कोच लगाए गए हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए इसे तीन श्रेणियों में बांटा गया है।
- थ्री-टियर एसी: 11 कोच
- टू-टियर एसी: 4 कोच
- फर्स्ट क्लास एसी: 1 कोच
इस ट्रेन में एक बार में कुल 823 यात्री सफर कर सकेंगे। इसमें थ्री-एसी में 611, टू-एसी में 188 और फर्स्ट एसी में 24 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है।
कितना होगा किराया?
यात्रियों की जेब को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने इसका किराया भी निर्धारित कर दिया है। गुवाहाटी से कोलकाता रूट पर थ्री-एसी का किराया खाने के साथ लगभग 2,300 रुपये होगा। वहीं, टू-एसी का किराया करीब 3,000 रुपये और सबसे लग्जरी फर्स्ट एसी का किराया 3,600 रुपये के आसपास तय किया गया है। यह किराया राजधानी एक्सप्रेस के आस-पास या उससे थोड़ा अधिक हो सकता है, लेकिन सुविधाएं विश्वस्तरीय होंगी।
हवाई जहाज जैसी सुरक्षा और सुविधाएं
सुरक्षा के लिहाज से यह ट्रेन काफी आधुनिक है। इसमें ‘कवच’ एंटी-कोलिजन सिस्टम लगा है, जो दो ट्रेनों की टक्कर को रोकता है। इसके अलावा यात्रियों के लिए इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम भी मौजूद है। ट्रेन के दरवाजे ऑटोमैटिक हैं और लोको पायलट का केबिन भी हाईटेक है। यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए इसमें खास सस्पेंशन और शोर कम करने वाली तकनीक का इस्तेमाल हुआ है। साफ-सफाई के लिए कोचों में खास डिसइंफेक्टेंट टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया गया है।
