हिमाचल में जाति आधारित हिंसा के मामले बढ़ते जा रहे है। फिर चाहे वह कथित तौर पर की जा रही हो या सोशल मीडिया के माध्यम से लिख कर। तथाकथित उच्च वर्ग के कुछ लोग आए दिन अनुसूचित जाति के लोगों और उनके महापुरुषों को निशान बना रहे है। अपराधियों की हिम्मत इतनी ज्यादा बढ़ चुकी है कि वह सीधे गाली गलौच, अपशब्दों और महापुरुषों पर अभद्र टिप्पणीयां करने से भी नही कतराते। जिसके चलते लगातार हिमाचल में जातीय उन्माद बढ़ता जा रहा है और हालात बिगड़ते नजर आ रहे है। जिसका मुख्य कारण पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा ऐसे मामलों में कानूनी कार्यवाही नही करना है।

शिकायत के साथ दिए गए स्क्रीन शॉट

इस संदर्भ में आज अखिल भारतीय वाल्मीकि समाज के पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक शिमला को एक शिकायत पत्र सौंपा है। शिकायत पत्र में वाल्मीकि समाज के पदाधिकारियों ने कहा है कि फेसबुक पर डॉ भीम राव अम्बेडकर पर कुछ असामाजिक तत्व अभद्र टिप्पणीयां कर रहे है। जोकि सहन करने काबिल नही है। उन्होंने लिखा है कि इस तरह की टिप्पणीयां प्रदेश में दंगे फसाद का कारण बन सकती है। इस तरह की टिप्पणीयों से अनुसूचित जाति के लोगों के गहरा रोष है।

शिकायत के साथ दिए गए स्क्रीन शॉट

जानकारी के मुताबिक अखिल भारतीय वाल्मीकि परिषद के पदाधिकारियों ने इस मामले में बहुत से फेसबुक पोस्ट, कमैंट्स और वीडियो के स्क्रीनशॉट लगाए है। आपको बता दें कि डॉ भीम राव अम्बेडकर के खिलाफ गाली गलौच, अपशब्दों का प्रयोग और अनुसूचित जाति के लोगों को अकारण नीचा दिखाने पर अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में कानून कार्यवाही होती है। यह एक विशेष प्रावधानों वाला कानून है और इस तरह के मामलों में तत्काल कानूनी कार्यवाही होती है। इस तरह के मामलों में विशेष अदालत और सख्त सजा का प्रावधान होता है।

शिकायत के साथ दिए गए स्क्रीन शॉट

इस मामले में जब अखिल भारतीय वाल्मीकि समाज परिषद के अध्यक्ष विक्की कुमार भुम्मक से बात की गई तो उनका कहना था कि हम ना तो किसी के खिलाफ कोई अभद्र टिप्पणी करते है और ना ही किसी समाज के नेताओं को बुरा भला बोलते है। तो फिर हम अपने समाज के नेताओं के बारे बुरा भला क्यों सुने। उन्होंने कहा कि यह एक आपराधिक मामला है और हम चाहते है कि इस मामले में तत्काल कानूनी कार्यवाही की जानी चाहिए। ताकि हिमाचल में सौहार्दपूर्ण माहौल बना रहे। उन्होंने यह भी कहा कि हम मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश से मांग करते है कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाए।

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