Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बिजली चोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। प्रशासन की एक संयुक्त कार्रवाई में एक निजी घर में भूमिगत मिनी पावर स्टेशन पकड़ा गया। यह सिस्टम पचास से साठ घरों को अवैध रूप से बिजली सप्लाई कर रहा था। इस खुलासे ने जिले में हलचल मचा दी है।
डीएम डॉक्टर राजेंद्र पैसिया और एसपी कृष्ण विश्नोई की अगुआई में यह कार्रवाई की गई। पुलिस, पीएसी और बिजली विभाग की संयुक्त टीमों ने देर रात छापेमारी की। कई इलाकों में बिजली चोरी के अवैध कनेक्शनों का पता चला। एक स्थान पर तो चोरों ने अपना निजी बिजलीघर ही बना लिया था।
रातोंरात हुई थी संयुक्त कार्रवाई
प्रशासन नेबिजली चोरी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। इसके तहत रायसत्ती, दीपा सराय और नबाबखेल जैसे इलाकों पर ध्यान केंद्रित किया गया। सांसद जियाउर्रहमान बर्क के गृह क्षेत्र से अभियान की शुरुआत हुई। भारी पुलिस बल के साथ एक दर्जन से अधिक टीमें तैनात की गईं।
टीमों ने घरों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की। बिजली विभाग के अधिकारियों ने तकनीकी जांच के माध्यम से अवैध कनेक्शनों का पता लगाया। अधिकारियों ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में लाइन लॉस पचास प्रतिशत तक पहुंच गया था। इसी को रोकने के लिए यह कड़ी कार्रवाई की गई।
घर में बना था छिपा हुआ पावर स्टेशन
जांच मेंसबसे चौंकाने वाला खुलासा एक घर से हुआ। एक व्यक्ति ने अपने निवास स्थान पर ही भूमिगत मिनी पावर स्टेशन स्थापित कर रखा था। इस पूरे सिस्टम को छिपाकर रखा गया था। इसी के जरिए आसपास के दर्जनों मकानों को बिजली सप्लाई की जा रही थी।
इस अवैध सिस्टम से एक मस्जिद को भी बिजली दी जा रही थी। एक दूध की डेयरी और कई ई-रिक्शा चार्जिंग प्वाइंट्स भी इससे जुड़े हुए थे। मौके से अवैध केबल और ट्रांसफार्मर जैसे उपकरण जब्त किए गए। सभी अवैध कनेक्शन तत्काल काट दिए गए।
प्रशासन ने की सख्त कार्रवाई
डीएम डॉक्टर राजेंद्र पैसियाने स्पष्ट किया कि बिजली चोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चिन्हित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संपत्ति कुर्क करने तक के कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
कार्रवाई में सीओ संभल आलोक भाटी और सीओ असमोली कुलदीप सिंह भी मौजूद रहे। एएसपी कुलदीप सिंह ने पुलिस बल का नेतृत्व किया। बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस ऑपरेशन में सक्रिय भूमिका निभाई। पूरे इलाके में इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया।
बिजली चोरी से होता है भारी नुकसान
बिजलीचोरी से बिजली वितरण कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान होता है। यह नुकसान अंततः ईमानदार ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ के रूप में आता है। तकनीकी हानि भी बढ़ जाती है जिससे बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है। ग्रिड की स्थिरता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
अवैध कनेक्शन अक्सर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करते। इससे आग लगने और बिजली के झटके लगने का खतरा बना रहता है। पड़ोसी क्षेत्रों में वोल्टेज की समस्या उत्पन्न हो सकती है। बिजली उपकरणों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है।
निरंतर जारी रहेगा अभियान
प्रशासन नेस्पष्ट किया है कि बिजली चोरी रोकने का अभियान जारी रखा जाएगा। अन्य इलाकों में भी ऐसी ही कार्रवाई की जा सकती है। बिजली विभाग ने नागरिकों से कानूनी कनेक्शन लेने की अपील की है। अवैध तरीके अपनाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का अंदेशा जताया गया है।
जांच में शामिल अधिकारियों का कहना है कि ऐसे और भी मामले सामने आ सकते हैं। टीमें संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य बिजली वितरण प्रणाली को पारदर्शी और कुशल बनाना है।

