शनिवार, जनवरी 10, 2026
1.8 C
London

उत्तर प्रदेश: योगी सरकार के बदलावों का असर, अशोक लीलैंड जैसे बड़े उद्योग लगा रहे प्लांट

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ सालों के व्यापार सुधार अब साफ दिखाई देने लगे हैं। कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया आसान हुई है। अनुमतियों के लिए तय समय सीमा लागू की गई है। ऑनलाइन सिस्टम ने पुरानी जटिलताएं खत्म कर दी हैं। इसका नतीजा यह है कि बड़े उद्योग अब प्रदेश में निवेश के लिए आगे आ रहे हैं।

इस बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण अशोक लीलैंड का नया प्लांट है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को इसका शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस अवसर पर मौजूद थे। लखनऊ में इस प्लांट के शुरू होने से प्रदेश की औद्योगिक पहचान मजबूत हुई है।

डी-रेगुलेशन में उत्तर प्रदेश को मिला पहला स्थान

केंद्र सरकार केडी-रेगुलेशन कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर पहले स्थान पर रहा। प्रदेश में 23 महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सुधार किए गए हैं। इनमें भूमि, भवन निर्माण और श्रम अनुमतियां शामिल हैं। पर्यावरण अनुमति और बिजली-पानी के कनेक्शन भी तेज हुए हैं।

फ्लेक्सिबल जोनिंग और डिजिटल लैंड यूज बदलाव जैसे कदम उठाए गए। जीआईएस लैंड बैंक और ऑनलाइन अनुमोदन ने प्रक्रिया सरल बनाई। इसी का नतीजा है कि अशोक लीलैंड जैसे बड़े उद्योग अपनी इकाई लगाने आगे आए। यह प्रदेश के लिए एक बड़ी सफलता है।

यह भी पढ़ें:  हिमाचल प्रदेश: राज्यपाल शुक्ल ने पंचायत चुनावों में देरी और कानून व्यवस्था पर जताई गंभीर चिंता; जानें क्या कहा

नए प्लांट से बढ़ेगी उत्पादन क्षमता और रोजगार

अशोक लीलैंड केनए प्लांट से प्रदेश की उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी। इससे हजारों युवाओं को सीधे रोजगार के अवसर मिलेंगे। परोक्ष रूप से भी कई लोगों को काम मिलेगा। आसपास के छोटे उद्योग और एमएसएमई इकाइयों को भी लाभ होगा।

सप्लाई चेन से जुड़े व्यवसायों को नया संबल मिलेगा। यह पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति देगा। औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। यह प्रदेश के औद्योगिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम है।

श्रम सुधार और ऑनलाइन प्रक्रियाओं ने बनाई आसानी

श्रम कानूनोंमें सुधार इस बदलाव का एक महत्वपूर्ण कारण है। महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति दी गई है। कार्य घंटों में लचीलापन लाया गया है। तृतीय पक्ष प्रमाणीकरण जैसी सुविधाएं उद्योगों के लिए मददगार साबित हुई हैं।

पर्यावरण और अन्य लाइसेंसों की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की गई। इससे अनावश्यक देरी और भटकाव खत्म हुआ है। बिजली और पानी के कनेक्शन अब समय पर मिलने लगे हैं। इन सुधारों ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है।

यह भी पढ़ें:  राजनीति खबर: केंद्रीय मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल, क्या युवाओं को मिलेगा बड़ा दायित्व?

नीति आधारित निवेश गंतव्य बना उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश अब एक नीतिआधारित निवेश गंतव्य के रूप में उभरा है। यहां स्थिरता, भरोसा और साफ प्रक्रियाएं उपलब्ध हैं। उत्तर प्रदेश सुगम्य व्यापार अधिनियम 2025 ने माहौल और बेहतर बनाया। राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम ने व्यवस्था को मजबूती दी है।

निवेश अब केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रह गया है। यह धरातल पर नए कारखानों और रोजगार के रूप में दिख रहा है। अशोक लीलैंड का प्लांट इसी विश्वास का प्रमाण है। प्रदेश सरकार की नीतियां उद्योगों के अनुकूल साबित हो रही हैं।

इन सुधारों से प्रदेश की आर्थिक तस्वीर बदल रही है। बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका लाभ आम जनता तक पहुंचेगा। प्रदेश विकास की नई राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

Hot this week

Dharamshala College: छात्रा की मौत मामले में आया बड़ा ट्विस्ट, बयानों ने उड़ाए कमेटी के होश

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला कॉलेज में छात्रा...

Related News

Popular Categories