Uttar Pradesh News: गौरीबाजार थाना क्षेत्र के एक इंटर कॉलेज में एक शिक्षक पर नाबालिग छात्रा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। कक्षा दस की छात्रा ने बताया कि शिक्षक ने उसके साथ अश्लील हरकत की और छेड़छाड़ की। उसने सीधे महिला हेल्पलाइन 1090 पर फोन कर पुलिस को बुलाया। पुलिस के आने की सूचना मिलते ही आरोपित शिक्षक स्कूल परिसर से फरार हो गया।
पीड़ित छात्रा का आरोप है कि शिक्षक आए दिन उसे बुरी नजर से देखता था। वह छेड़छाड़ के साथ-साथ गलत तरीके से उसे छूता था। उसकी अनैतिक हरकतें लगातार बढ़ रही थीं। इसी से तंग आकर छात्रा ने हेल्पलाइन पर सूचना दी और पुलिस को बुलवाया।
स्कूल में फैली सनसनी
पुलिस के कॉलेज पहुंचने की खबर फैलते ही स्कूल में सनसनी फैल गई। अन्य शिक्षकों और छात्रों को घटना की जानकारी मिली। सभी इस घटना से स्तब्ध रह गए। पुलिस ने छात्रा से विस्तृत बयान दर्ज किया और जांच शुरू कर दी।
छात्रा की साहसिक पहल की लोग प्रशंसा कर रहे हैं। उसने डरकर चुप रहने के बजाय तुरंत हेल्पलाइन का सहारा लिया। यह कदम अन्य पीड़ित लड़कियों के लिए प्रेरणा बन सकता है। महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 की भूमिका भी प्रभावी साबित हुई।
पुलिस ने क्या कहा?
प्रभारी निरीक्षक राहुल सिंह ने बताया कि उन्हें इस संबंध में सूचना मिली है। अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। जैसे ही लिखित तहरीर मिलेगी, तुरंत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आरोपित शिक्षक की तलाश में जुटी है।
पुलिस ने स्कूल प्रबंधन से भी जानकारी मांगी है। आरोपित शिक्षक के बारे में सभी विवित एकत्र किए जा रहे हैं। स्कूल के रिकॉर्ड और अन्य छात्राओं से भी पूछताछ की जा सकती है। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि न्याय मिले।
महिला हेल्पलाइन 1090 की भूमिका
उत्तर प्रदेश की महिला हेल्पलाइन 1090 ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की। छात्रा के फोन करते ही हेल्पलाइन टीम ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी। इससे पुलिस को घटनास्थल पर तुरंत पहुंचने में मदद मिली। हेल्पलाइन का उद्देश्य महिलाओं को तत्काल सहायता देना है।
यह सेवा पूरे राज्य में 24 घंटे सक्रिय रहती है। कोई भी महिला या लड़की परेशानी में इस नंबर पर संपर्क कर सकती है। टीम गोपनीयता बनाए रखते हुए तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करती है। इस मामले ने इस सेवा की उपयोगिता को फिर से रेखांकित किया है।
स्कूल सुरक्षा पर सवाल
यह घटना स्कूलों और कॉलेजों में छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाती है। शिक्षण संस्थानों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वहां का माहौल पूरी तरह सुरक्षित हो। छात्राओं को ऐसी शिकायतों के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
कई राज्यों ने स्कूलों में शिकायत बॉक्स और विशेष काउंसलिंग की व्यवस्था की है। अभिभावकों को भी बच्चों से खुलकर बात करनी चाहिए। बच्चे किसी भी तरह की दुविधा में माता-पिता या शिक्षकों से बात कर सकें, यह जरूरी है।
पुलिस ने आरोपित शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया जा सकता है। कानून नाबालिगों के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न के मामलों में कठोर सजा का प्रावधान करता है। सभी तथ्यों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
