Washington News: अमेरिका जाने की चाहत रखने वालों के लिए एक बुरी खबर है। ट्रंप प्रशासन ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने दुनिया के 75 देशों के लिए वीजा प्रोसेसिंग (Visa Processing) रोक दी है। इस लिस्ट में रूस, ईरान, ब्राजील, इराक और थाईलैंड जैसे बड़े देश शामिल हैं। यह आदेश 21 जनवरी से लागू हो जाएगा। इसे ट्रंप सरकार का अब तक का सबसे बड़ा और कड़ा फैसला माना जा रहा है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
अमेरिका ने यह कदम अपनी सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखकर उठाया है। विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने साफ शब्दों में इसका कारण बताया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ऐसे लोगों को रोकना चाहता है जो भविष्य में सरकार पर बोझ (Public Charge) बन सकते हैं। सरकार नहीं चाहती कि बाहरी लोग अमेरिकी जनता के टैक्स के पैसों का फायदा उठाएं। जब तक वीजा देने की प्रक्रिया की दोबारा जांच नहीं हो जाती, तब तक इन देशों के नागरिकों की एंट्री बंद रहेगी।
अब वीजा मिलने में क्या होंगी मुश्किलें?
अमेरिकी दूतावासों को सख्त निर्देश भेजे गए हैं। अब अधिकारियों को वीजा देने से पहले कई बारीक चीजों की जांच करनी होगी।
- आर्थिक स्थिति: क्या आवेदक अपना खर्च खुद उठा सकता है?
- सेहत और उम्र: आवेदक की हेल्थ कैसी है और उसकी उम्र क्या है।
- अंग्रेजी भाषा: क्या आवेदक को अंग्रेजी आती है?
- मेडिकल हिस्ट्री: क्या आवेदक को भविष्य में लंबी मेडिकल देखभाल की जरूरत पड़ सकती है?
हैरानी की बात यह है कि ज्यादा वजन (Overweight) वाले या बुजुर्ग लोगों का वीजा भी रिजेक्ट हो सकता है। अगर किसी ने पहले कभी सरकारी मदद ली है, तो उसे भी वीजा नहीं मिलेगा।
21 जनवरी से लागू होगा नियम
यह रोक 21 जनवरी से शुरू होगी। विदेश विभाग फिलहाल अपनी स्क्रीनिंग प्रक्रिया का फिर से मूल्यांकन (Re-evaluation) कर रहा है। नवंबर 2025 में ही सभी दूतावासों को एक केबल संदेश भेजा गया था। इसमें अधिकारियों को ‘पब्लिक चार्ज’ कानून के तहत सख्ती बरतने का आदेश दिया गया था। अब 75 देशों के आवेदकों को तब तक इंतजार करना होगा जब तक अमेरिका अपनी नई जांच प्रक्रिया पूरी नहीं कर लेता।
