World News: अमेरिकी वायुसेना का शीर्ष गुप्त विमान ‘डूम्सडे प्लेन’ लॉस एंजलिस में दिखाई दिया है। इसे आधिकारिक तौर पर ई-4बी नाइटवॉच कहा जाता है। यह विमान बेहद दुर्लभ है और आम तौर पर सैन्य अड्डों पर ही देखा जाता है। लॉस एंजलिस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इसकी उपस्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह विमान छह जनवरी को नेब्रास्का के ओमाहा स्थित अड्डे से उड़ा था। पहले यह वाशिंगटन डीसी गया और फिर आठ जनवरी को लॉस एंजलिस के लिए रवाना हुआ। इसकी उड़ान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। कई लोग इसे ईरान पर संभावित हमले का संकेत मान रहे हैं।
‘डूम्सडे प्लेन’ क्या है और क्यों है खास?
‘डूम्सडे प्लेन’ कोई साधारण विमान नहीं है। इसे ‘फ्लाइंग पेंटागन’ भी कहा जाता है। यह बोइंग 747-800 का सैन्य संस्करण है। इसका मुख्य उद्देश्य परमाणु हमले की स्थिति में अमेरिकी शीर्ष नेतृत्व को सुरक्षित रखना है। विमान आपातकाल में नेताओं को सुरक्षित स्थान तक पहुंचा सकता है।
विमान में एक सौ बारह लोगों के साथ उड़ान भरने की क्षमता है। इसमें ब्रीफिंग रूम, कमांड सेंटर और कॉन्फ्रेंस रूम मौजूद हैं। साथ ही रहने और काम करने के लिए पर्याप्त स्थान है। यह विमान छह सैटेलाइट डिश और एंटीना से लैस है।
विमान की तकनीकी क्षमताएं
यह विमान लगातार एक सप्ताह तक आसमान में रह सकता है। इसे हवा में ईंधन भरने की सुविधा प्राप्त है। युद्ध की स्थिति में यह दुश्मन पर मिसाइल दागने में सक्षम है। संचार व्यवस्था बेहद उन्नत स्तर की है।
विमान को विद्युत चुम्बकीय हमले से सुरक्षा प्राप्त है। इसकी संचार प्रणाली किसी भी परिस्थिति में काम कर सकती है। यह अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसकी उड़ान अक्सर गुप्त रखी जाती है।
पिछली बार कब देखा गया था यह विमान?
‘डूम्सडे प्लेन’ ने आखिरी बार ग्यारह सितंबर 2001 को उड़ान भरी थी। उस समय अमेरिका पर आतंकी हमला हुआ था। तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इस विमान का इस्तेमाल किया था। उस हमले में तीन हजार लोगों की मौत हुई थी।
उसके बाद से यह विमान बहुत कम सार्वजनिक रूप से देखा गया है। इसकी उड़ानें आमतौर पर प्रशिक्षण या रखरखाव के लिए होती हैं। पर इस बार इसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर देखा गया है। इसने विश्लेषकों का ध्यान खींचा है।
वैश्विक प्रतिक्रियाएं और आशंकाएं
विमान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। कई लोग इसे एक सैन्य संकेत मान रहे हैं। अमेरिका ने हाल ही में वेनेजुएला पर हमला किया था। ईरान के साथ तनाव भी बढ़ रहा है। इस पृष्ठभूमि में यह उड़ान चिंता का विषय बन गई है।
अमेरिकी प्रशासन ने अभी तक किसी भी दावे की पुष्टि नहीं की है। रक्षा विभाग ने इस उड़ान पर कोई टिप्पणी नहीं की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक नियमित प्रशिक्षण उड़ान भी हो सकती है। पर समय और स्थान ने संदेह पैदा किया है।
अंतरराष्ट्रीय संबंधों के जानकार इस घटना पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसे विमान की गतिविधि हमेशा महत्वपूर्ण होती है। यह अमेरिकी रणनीतिक तैयारी का हिस्सा हो सकता है। वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में यह एक संवेदनशील विकास है।
लॉस एंजलिस हवाई अड्डे के अधिकारियों ने भी इस पर कोई विवरण नहीं दिया है। उन्होंने केवल यह कहा कि सभी उड़ानें नियमित प्रक्रिया के तहत संचालित होती हैं। हवाई अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था सामान्य बनी हुई है।
विमान अब तक लॉस एंजलिस हवाई अड्डे पर ही है। इसके अगले कदम पर सभी की नजर है। अमेरिकी मीडिया भी इस घटना को व्यापक कवरेज दे रहा है। कई समाचार चैनलों ने इस पर विशेष चर्चा की है। यह मामला आने वाले दिनों में और विकसित हो सकता है।

