Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सराज विधानसभा क्षेत्र में दलित उत्पीड़न का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस मुद्दे पर बीजेपी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। AAP नेता पवन कुमार ने दावा किया है कि सराज में दलित व्यक्ति सुरजमणि के साथ हुआ अन्याय एक सोची-समझी साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी से जुड़े लोग ही दलितों को निशाना बना रहे हैं। पार्टी ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की चुप्पी पर भी तीखे सवाल उठाए हैं।
सोशल मीडिया पर दी जा रही धमकियां
पवन कुमार ने बताया कि पीड़ित सुरजमणि को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्हें सोशल मीडिया पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करके अपमानित किया गया। इतना ही नहीं, उन्हें जान से मारने और समाज से बहिष्कार करने की धमकियां भी मिल रही हैं। AAP का कहना है कि यह बीजेपी और संघ की विभाजनकारी मानसिकता का नतीजा है। लोकतंत्र में समाज के वंचित वर्ग के खिलाफ ऐसी नफरत किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जयराम ठाकुर खामोश क्यों हैं?
आम आदमी पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को सीधे निशाने पर लिया है। पवन कुमार ने पूछा कि सराज उनका गृह क्षेत्र है, फिर भी वे इस गंभीर मुद्दे पर चुप क्यों हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के कुछ “शरारती समर्थक” ही दलितों को डरा रहे हैं। क्या जयराम ठाकुर की खामोशी का मतलब उनका मौन समर्थन है? AAP ने मांग की है कि नेता प्रतिपक्ष तुरंत अपनी स्थिति स्पष्ट करें और ऐसे असमाजिक तत्वों से दूरी बनाएं।
न्याय के लिए लड़ेंगे लड़ाई
AAP ने साफ कर दिया है कि वह पीड़ित सुरजमणि के साथ चट्टान की तरह खड़ी है। पार्टी ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पवन कुमार ने सभी राजनीतिक दलों और समाज के लोगों से अपील की है कि वे दलितों के अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आएं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो बीजेपी सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की जाएगी। सुरजमणि को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

