बुधवार, जनवरी 7, 2026
4.4 C
London

यूपी वोटर लिस्ट: ड्राफ्ट में 2 करोड़ नाम कटे, कांग्रेस नेता गुरदीप सिंह सप्पल का भी नाम हुआ गायब

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग ने मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। नई सूची से दो करोड़ से अधिक नाम काटे गए हैं। इसके बाद कांग्रेस नेता गुरदीप सिंह सप्पल ने दावा किया कि उनका और उनके परिवार के सदस्यों के नाम भी सूची से गायब हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर यह आरोप लगाया।

गुरदीप सिंह सप्पल ने कहा कि उनके नाम 2003 की वोटर लिस्ट में शामिल थे। पिछले चुनाव की सूची में भी उनके नाम मौजूद थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका नाम केवल इस आधार पर काटा गया क्योंकि वे गाजियाबाद से नोएडा शिफ्ट हुए थे। उनके पास सभी जरूरी कागजात हैं।

चुनाव आयोग ने दिया स्पष्टीकरण

कांग्रेस नेताके आरोपों पर यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के एक्स हैंडल से जवाब आया। जवाब में कहा गया कि बीएलओ ने नियमानुसार काम किया है। जब वे गाजियाबाद से नोएडा स्थानांतरित हुए तो उनका नाम गाजियाबाद की सूची से काटा गया। यह प्रक्रिया सही है।

आधिकारिक जवाब में सुझाव दिया गया कि उन्हें नोएडा जिले की वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए फॉर्म 6 भरना चाहिए। अन्य लोग जिनके नाम कट गए हैं उन्हें भी यही प्रक्रिया अपनानी चाहिए। चुनाव आयोग ने इस मामले में पारदर्शिता बनाए रखी है।

यह भी पढ़ें:  Voter List Controversy: बिहार में वोटर लिस्ट पर महागठबंधन का हंगामा, चुनाव आयोग से पूछे यह सवाल

वोटर लिस्ट में भारी कमी

मंगलवार कोजारी मसौदा सूची के अनुसार राज्य में 12 करोड़ 55 लाख मतदाता शामिल हैं। यह आंकड़ा पिछली संख्या 15.44 करोड़ से लगभग दो करोड़ 89 लाख कम है। यह कमी बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा की गई सफाई का नतीजा है।

चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को अद्यतन और शुद्ध करने का काम पूरा किया है। इस प्रक्रिया में डुप्लीकेट और गलत प्रविष्टियों को हटाया गया है। यह काम नियमित अंतराल पर किया जाता है ताकि सूची सटीक बनी रहे।

कैसे चेक करें अपना नाम

मतदाताचुनाव आयोग की वेबसाइट पर तीन तरीकों से अपना नाम ड्राफ्ट सूची में देख सकते हैं। वे अपना एपिक नंबर, मोबाइल नंबर या निजी जानकारी डालकर जांच कर सकते हैं। यह प्रक्रिया सरल और सुविधाजनक बनाई गई है।

अगर किसी मतदाता का नाम सूची में नहीं है तो वह छह फरवरी तक आवेदन कर सकता है। फॉर्म 6 भरकर नया नाम दर्ज कराया जा सकता है। चुनाव आयोग ने इसकी सुविधा भी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से उपलब्ध कराई है।

यह भी पढ़ें:  हिमाचल प्रदेश: नावर क्षेत्र में टूटी सड़कों को लेकर भाजपा ने सरकार पर उठाए सवाल, जानें क्या कहा

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आनी बाकी

विपक्षीदल अक्सर मतदाता सूची में बड़े बदलाव पर सवाल उठाते हैं। कांग्रेस नेता का मामला इसी कड़ी में सामने आया है। अन्य दल भी अपने समर्थकों के नाम कटने की शिकायत कर सकते हैं। चुनाव आयोग को इन सभी शिकायतों का निस्तारण करना होगा।

आयोग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि नाम काटने का कारण स्थानांतरण या अन्य वैध कारण हो सकते हैं। प्रभावित लोगों के लिए नाम जोड़ने की प्रक्रिया भी मौजूद है। इससे किसी भी वैध मतदाता के वंचित रह जाने की आशंका नहीं है।

चुनाव आयोग ने अगले चुनाव से पहले यह अद्यतन कार्य पूरा किया है। यह प्रक्रिया लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अखंडता बनाए रखने के लिए जरूरी है। सटीक मतदाता सूची निष्पक्ष चुनाव की नींव मानी जाती है। आयोग इस दिशा में लगातार काम कर रहा है।

Hot this week

Related News

Popular Categories