शुक्रवार, जनवरी 16, 2026
6 C
London

मध्य प्रदेश का अनसुलझा रहस्य: एक व्यक्ति 50 साल से नहीं सोया, चिकित्सा विज्ञान हैरान

Madhya Pradesh News: रीवा में एक सेवानिवृत्त ज्वाइंट कलेक्टर ने चिकित्सा विज्ञान के सामने एक गहरा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। मोहनलाल द्विवेदी का दावा है कि वह पिछले पचास वर्षों से सोए ही नहीं हैं। इस अविश्वसनीय दावे के बावजूद, वह पूर्णतः स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। उनके शरीर में दर्द का अहसास भी नहीं होता।

यह अद्भुत मामला मध्य प्रदेश के रीवा शहर से सामने आया है। पचहत्तर वर्षीय मोहनलाल द्विवेदी रीवा की चाणक्यपुरी कॉलोनी में रहते हैं। उनका कहना है कि उन्हें किसी प्रकार की कोई गंभीर बीमारी नहीं है। सामान्य जीवन जीने वाले द्विवेदी का यह हाल पिछले पांच दशकों से है।

चिकित्सा विज्ञान के लिए चुनौती

चिकित्साविज्ञान के अनुसार, एक स्वस्थ व्यक्ति को प्रतिदिन छह से आठ घंटे की नींद आवश्यक है। मोहनलाल द्विवेदी का मामला इस आधारभूत सिद्धांत के विपरीत खड़ा दिखाई देता है। उन्होंने देश के कई प्रमुख अस्पतालों में अपनी जांच करवाई है। किंतु कोई भी डॉक्टर इस स्थिति का स्पष्ट कारण नहीं बता पाया।

मोहनलाल की पत्नी नर्मदा द्विवेदी भी बहुत कम सोती हैं। वह दिन में मात्र तीन से चार घंटे ही नींद लेती हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि यह स्थिति अनुवांशिक भी हो सकती है। परिवार ने शुरुआत में झाड़-फूंक का सहारा लिया था। बाद में उन्होंने एलोपैथिक इलाज करवाना शुरू किया।

यह भी पढ़ें:  उत्तर प्रदेश मौसम: IMD ने 24 घंटे में भारी बारिश और तूफान की चेतावनी जारी की; पढ़ें डिटेल

सामान्य है दिनचर्या, असामान्य है स्थिति

मोहनलाल द्विवेदीकी दिनचर्या एक सामान्य व्यक्ति जैसी ही है। वह रात भर जागते हैं और दिन के समय भी सोते नहीं हैं। उन्हें आंखों में जलन या थकान जैसी कोई समस्या नहीं होती। वह अपना अधिकांश समय किताबें पढ़ने और रात में छत पर टहलने में बिताते हैं।

उनका करियर भी बेहद सफल रहा है। उन्होंने 1973 में लेक्चरर के तौर पर नौकरी शुरू की थी। 1974 में एमपीपीएससी पास कर वह नायब तहसीलदार बने। वर्ष 2001 में वह ज्वाइंट कलेक्टर के पद से सेवानिवृत्त हुए। इस पूरे दौरान उनकी यह अद्वितीय स्थिति बनी रही।

विशेषज्ञों की राय

रीवाके संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि नींद न आने के हजारों कारण हो सकते हैं। मानसिक रोग विभाग में इस तरह की समस्याओं की पूर्ण जांच की जाती है। अनुवांशिक कारण भी एक संभावना है।

यह भी पढ़ें:  Madhya Pradesh News: पंडित के घर में चल रहा था ' सेक्स रैकेट', पुलिस ने 18 कमरों में पकड़े युवक-युवतियां

डॉ. मिश्रा के अनुसार, दर्द का एहसास न होना भी एक अलग न्यूरोलॉजिकल स्थिति की ओर इशारा करता है। नेशनल स्लीप फाउंडेशन के अनुसार, क्रोनिक इनसोमनिया के गंभीर स्वास्थ्य परिणाम हो सकते हैं। किंतु मोहनलाल का मामला इन सभी मानकों से अलग प्रतीत होता है।

क्या कहता है शोध

वैज्ञानिक शोध बतातेहैं कि नींद की गहरी कमी से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य गंभीर रूप से प्रभावित होता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार, नींद शारीरिक मरम्मत और मस्तिष्क के कार्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। ऐसे में इतने लंबे समय तक बिना सोए स्वस्थ रहना एक पहेली बना हुआ है।

मोहनलाल द्विवेदी का यह मामला चिकित्सा जगत में एक दुर्लभ घटना के रूप में दर्ज हो गया है। उनकी इस अवस्था का सटीक कारण अभी तक अज्ञात है। यह केस यह प्रमाणित करता है कि मानव शरीर अभी भी विज्ञान के लिए कई रहस्य समेटे हुए है।

Hot this week

‘जमीन चाहिए तो दारू-मुर्गा लाओ’, मंत्री के सामने फूट-फूटकर रोया गरीब, फिर जो हुआ…

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के घुमारवीं में 'सरकार गांव...

Related News

Popular Categories