यह आरोप अनुसूचित जाति-जनजाति विशाल सुधार समिति के जिला अध्यक्ष सिद्धू राम भारद्वाज ने लगाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग को हर क्षेत्र में दरकिनार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सीधे रूप में रोस्टर को दरकिनार करके भर्तियां की जा रही हैं। जिससे लगातार अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग पिछड़ता जा रहा है। इसके साथ बजट में विभिन्न विभागों में मिलने वाली अनुदान राशि को समाप्त किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार खुलेआम दलित विरोधी निर्णय ले रही है। जबकि दूसरी तरफ इस वर्ग के हितैषी होने का ढिंढोरा पिटती है।

उन्होंने कहा कि लोगों को भ्रमित करने के लिए सत्तारूढ़ दल के प्रदेशाध्यक्ष का इस वर्ग से संबंधित होने का दिखावा किया जाता है। जबकि अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के संवैधानिक अधिकारों का खुलेआम हनन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि बजट के दौरान विभिन्न विभागों में मिलने वाली अनुदान राशि को समाप्त किया गया। सरकार के दलित विरोधी फैसलों को पूरे प्रदेश में उजागर किया जाएगा। उन्होंने इस बार के लोगों से एकजुट होने का आह्वान किया।

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