Himachal News: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में रोमांच और डर का एक साथ अनुभव हुआ है। हरोली क्षेत्र के कांटे गांव में एक साथ चार तेंदुए दिखाई दिए हैं। स्थानीय युवाओं ने इस दुर्लभ नजारे को अपने कैमरे में कैद कर लिया। यह घटना तब घटी जब कुछ युवक जंगल के रास्ते धार्मिक डेरे की तरफ जा रहे थे। इस खबर के बाद से हिमाचल न्यूज में वन्यजीवों की चर्चा तेज हो गई है।
सड़क पर खेलता दिखा तेंदुआ परिवार
युवाओं ने बताया कि पहले एक तेंदुआ सड़क पर आया। देखते ही देखते उसके तीन शावक भी वहां पहुंच गए। यह पूरा परिवार सड़क पर बेखौफ होकर खेल रहा था। गाड़ी को देखने के बाद वे धीरे-धीरे झाड़ियों की तरफ चले गए। इस दौरान युवाओं ने उनका वीडियो बना लिया। हालांकि, इस घटना के बाद लोग जंगल की तरफ जाने से डर रहे हैं। हिमाचल न्यूज के अनुसार हरोली क्षेत्र में तेंदुए दिखने का यह तीसरा मामला है।
पहले भी रिहायशी इलाकों में मची थी दहशत
कुछ दिन पहले भी हरोली में एक तेंदुआ सड़क पर चलता दिखाई दिया था। वह काफी देर तक वाहनों को घूरता रहा था। इससे पहले पालकवाह में एक तेंदुआ घर के पास पहुंच गया था। उसने लोगों के साथ झड़प भी की थी। वन विभाग ने उसे बेहोश करके चिड़ियाघर भेजा था। कुटलैहड़ क्षेत्र में भी एक तेंदुआ पेड़ पर बैठा मिला था। वन विभाग की टीम के पहुंचने से पहले ही वह गायब हो गया था।
सर्वे में हुआ बड़ा खुलासा
ऊना जिले में तेंदुओं की संख्या बढ़ रही है। कोलकाता की भारतीय प्राणी सर्वेक्षण संस्था ने हाल ही में एक सर्वे किया था। रिपोर्ट के अनुसार जिले में 30 से 35 तेंदुए मौजूद हैं। सर्वे में हर दो वर्ग किलोमीटर के दायरे में दो तेंदुए पाए गए हैं। यह आंकड़ा हिमाचल न्यूज के पाठकों के लिए चौंकाने वाला हो सकता है।
ईको सिस्टम के लिए शुभ संकेत
वन विभाग के अधिकारी सुशील ठाकुर ने इसे पर्यावरण के लिए अच्छा बताया है। उनके अनुसार तेंदुए फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले जानवरों का शिकार करते हैं। इससे खाद्य श्रृंखला संतुलित रहती है। वनों में शिकार की घटनाएं कम होने से तेंदुओं की संख्या बढ़ रही है। इसके अलावा स्वां नदी और गोबिंदसागर झील में विदेशी पक्षी भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। यह वन्य प्राणियों के संरक्षण का एक बड़ा उदाहरण है।
