मुजफ्फरपुर के साहू रोड स्थित बालिका गृह से गायब लड़कियों को फिर से खोजने की कवायद की जा रही है। नगर थानेदार सह इंस्पेक्टर ओमप्रकाश ने आईओ को दूसरे प्रदेश जाकर जांच का निर्देश दिया है। इससे पहले उन्होंने केस समीक्षा भी की। 

बालिका गृह से गायब चार लड़कियों में से दो का सत्यापन होने की जानकारी आईओ अपर थानेदार रवि कुमार गुप्ता ने इंस्पेक्टर को दी है। वहीं, दो अन्य लड़कियों की खोजबीन की जा रही है। इनमें एक लड़की मधुबनी और दूसरी लड़की दिल्ली की है। इन दोनों का फिर से सत्यापन होना है।

2018 में बहुचर्चित बालिका गृह कांड के खुलासे में यह बात सामने आयी थी कि वर्ष 2013 में बालिका गृह से चार लड़कियां भाग गई थीं। इसे लेकर बालिका गृह की अधीक्षिका ने नगर थाने में सनहा कराया था। तत्कालीन एसएसपी हरप्रीत कौर ने इस मामले में एफआईआर करने का निर्देश दिया था। इसके आलोक में पुलिस लाइन में तैनात जमादार योगेन्द्र महतो ने नगर थाने में धारा 363 में केस दर्ज किया था। इंस्पेक्टर ओमप्रकाश ने बताया कि केस की समीक्षा की गई है। आईओ को लड़कियों के नाम-पते का सत्यापन करने का निर्देश दिया गया है।

जांच के दौरान पुलिस ने दो लड़कियों का सत्यापन किया, जबकि दो अबतक ट्रेसलेस हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, एक लड़की अहियापुर थाना क्षेत्र में मिली। उसके परिजनों ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी हो चुकी है। वह अपने ससुराल में परिवार के संग रहती है। दूसरी लड़की उत्तर प्रदेश के इटावा की है, जो लखनऊ स्थित एक महिला संस्थान में मिली। 

पुलिस ने आवेदन के आधार पर मधुबनी की लड़की का सत्यापन किया। बालिका गृह में उसका पता फुलपरास दर्ज था, लेकिन उसका सुराग नहीं मिल सका। वहीं चौथी लड़की का पता दिल्ली के पहाड़गंज का था। उसके पिता का भी नाम बालिका गृह की इंट्री रजिस्टर में दर्ज था। जब पुलिस ने उक्त पते और लड़की के पिता की खोजबीन की तो उस इलाके में उस नाम का व्यक्ति व लड़की नहीं मिली। इसके बाद पुलिस लौट आयी।

केस की समीक्षा के बाद आईओ को दिल्ली जाने के लिए निर्देशित किया है। इसके लिए आईओ को आईजी से अनुमति लेनी होगी। आईओ अपर थानेदार रवि कुमार गुप्ता ने बताया कि वरीय पदाधिकारी के आदेश का पालन किया जाएगा। बाहर जाने के लिए आईजी को एसएसपी के माध्यम से आवेदन दिया जाएगा। 

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