Himachal News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने शिमला के दो सरकारी शिक्षण संस्थानों पर ताला जड़ दिया है। सरकार ने दुर्गम क्षेत्रों डोडरा-क्वार और देहा में चल रहे औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। इन संस्थानों में एक भी छात्र ने दाखिला नहीं लिया था। दाखिला शून्य रहने के कारण सरकार ने इन्हें डी-नोटिफाई करने का कड़ा फैसला लिया है। इसके साथ ही यहां सृजित 51 पदों को भी हमेशा के लिए खत्म कर दिया गया है।
तकनीकी शिक्षा सचिव ने जारी किए आदेश
तकनीकी शिक्षा सचिव कदम संदीप बसंत ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि संसाधन खाली पड़े थे। हालांकि, सरकार ने छात्रों के भविष्य का ध्यान रखा है। यदि डोडरा-क्वार और देहा क्षेत्र का कोई छात्र आईटीआई करना चाहेगा, तो उसे राज्य के अन्य सरकारी संस्थानों में प्रवेश दिया जाएगा। सरकार ने ऐसे छात्रों को हॉस्टल की सुविधा देने का भी भरोसा दिया है।
प्रिंसिपल से लेकर चपरासी तक की छुट्टी
सरकार के इस फैसले से कुल 51 पद समाप्त हो गए हैं। आईटीआई डोडरा-क्वार में 26 और आईटीआई देहा में 25 पद खत्म किए गए हैं। इनमें प्रिंसिपल, ग्रुप इंस्ट्रक्टर और तकनीकी स्टाफ शामिल हैं। साथ ही आउटसोर्स पर रखे गए कर्मचारियों की सेवाएं भी अब नहीं ली जाएंगी।
डोडरा-क्वार में ये पद हुए खत्म:
- प्रिंसिपल, ग्रुप इंस्ट्रक्टर।
- इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर और कंप्यूटर ऑपरेटर।
- सिलाई, इंजीनियरिंग ड्राइंग और गणित इंस्ट्रक्टर।
- क्लर्क, माली, चौकीदार और स्वीपर।
देहा आईटीआई में इन पदों पर गिरी गाज:
- प्रिंसिपल, मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल।
- स्टेनोग्राफर, फिटर और सर्वेयर।
- कंप्यूटर लैब इंस्ट्रक्टर और सीनियर असिस्टेंट।
- चपरासी, चौकीदार और वर्कशॉप असिस्टेंट।
