तेलंगाना के निर्मल जिले के भैंसा में एक बार फिर दो समुदाय के बीच हिंसा भड़क उठी है। पथराव और आगजनी की घटनाओं में पत्रकारों समेत 10 से अधिक लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बनी है। तीनों को निजामाबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस हिंसा में कई घर और वाहन भी आग के हवाले कर दिए गए हैं। 

दो समुदाय के बीच की इस हिंसा की शुरुआत शहर की एक मस्जिद के पास से हुई। हिंसा की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंच कर स्थिति को काबू में ले लिया है। क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई है। 

निजामाबाद से भाजपा के सांसद अरविंद धरमपुरी ने इस मामले में पुलिस को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। भाजपा सांसद ने ट्वीट किया, ”भैंसा से परेशान करने वाली सांप्रदायिक हिंसा की खबरें आ रही हैं। मेरा तेलंगाना के पुलिस आयुक्त से अनुरोध है कि स्थिति के विकराल होने से पहले इस पर काबू पाएं। ”

निर्मल जिले के प्रभारी, पुलिस अधीक्षक विष्णु एस वारियर ने कहा कि पांच से अधिक लोगों को एक स्थान पर एकत्रित होने से रोकने वाली धारा 144 लागू की गई है। पड़ोसी जिलों से अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है तथा स्थिति काबू में है एवं शांतिपूर्ण बनी हुई है।

पुलिस ने बताया कि अब तक इस घटना के संबंध में चार मामले दर्ज किए गए हैं। शिकायतें मिलने पर और मामले दर्ज किए जाएंगे। उसने बताया कि हिंसा में लिप्त लोगों को हिरासत में लेने की भी तैयारी की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, बाइक सवार दो व्यक्तियों के बीच बहस के बाद एकत्रित हुए दो समुदाय के लोगों ने पथराव किया था। झड़प के दौरान दो घर, सब्जी की दो दुकानें क्षतिग्रस्त हुईं, एक कार, चार दो पहिया वाहन और कुछ ऑटो रिक्शा को आग लगा दी गई।

पुलिस ने चेतावनी दी है कि अफवाहें फैलाने और सांप्रदायिक हिंसा को भड़काने का प्रयास करने वालों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे। पुलिस ने व्हाट्सऐप समूहों के एडमिन से कहा है कि वे पोस्ट आदि पर नजर रखें और विवादित पोस्ट तुरंत हटाएं।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने हिंसा की निंदा की और कहा कि उन्होंने तेलंगाना के डीजीपी महेंद्र रेड्डी से बात की है और दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ने को कहा है।

उन्होंने कहा, ‘भैंसा में कल हुई हिंसा की कड़ी निंदा करता हूं। मीडियाकर्मियों पर हमला दुर्भाग्यपूर्ण और परेशान करने वाला है। तेलंगाना डीजीपी से दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने तथा अतिरिक्त बलों को तैनात करने को कहा है।’

पिछले वर्ष जनवरी और मई में इस कस्बे में सांप्रदायिक झड़पों के बाद हिंसा हुई थी।

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