केसीसी बैंक ऊना में झूठे व काल्पनिक रिकॉर्ड बनाकर बैंक के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप में दो आरोपियों को गुरुवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया गया। इनमें तत्त्कालीन प्रबंधक व ऋण के गारंटर बना व्यक्ति शामिल है। बता दें कि प्रबंधक को सेवा से पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है। एफएस एसवी एंड एसीबी ऊना में बुधवार को तत्त्कालीन प्रबंधक केसीसी बैंक ऊना के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, जिन्होंने मई, 2017 में झूठे और काल्पनिक रिकॉर्ड बनाकर बैंक के साथ धोखाधड़ी की थी। उन्होंने बैंक से दो करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी की थी।

पूछताछ में पता चला कि ब्याज सहित 2.93 करोड़ रुपए का नुकसान बैंक को हुआ है। पूछताछ में यह भी पता चला है कि व्यक्ति, जिसने प्रत्येक दस ऋणों के संबंध में गारंटर के रूप में कार्य किया था, ने प्रत्येक ऋण के संबंध में केवल पांच लाख रुपए की संपत्ति गिरवी रखी थीं, जिसके खिलाफ दो करोड़ रुपए का संयुक्त ऋण प्राप्त किया गया था। इसके अलावा गारंटर ने इस जमीन को 2019 में बेच दिया, क्योंकि बैंक प्रबंधक द्वारा गारंटर द्वारा गिरवी रखी गई जमीन के खिलाफ कोई शुल्क नहीं लगाया गया था। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि यह मामला ब्यूरो द्वारा की गई जांच के आधार पर दर्ज किया गया है, जिसमें पता चला है कि आरोपियों ने बैंक में 10 व्यक्तियों के नाम से कैश क्रेडिट लिमिट खाते बनाए थे और प्रत्येक के नाम पर 20 लाख रुपए के झूठे ऋण आवेदन तैयार किए थे। आरोपी प्रबंधक द्वारा ऋण स्वीकृत किए गए थे और सीसीएल खातों में जमा की गई ऋण राशियां ऐसे खातों को रखने वाले व्यक्तियों की जानकारी के बिना अभियुक्त द्वारा धोखे से वापस ले ली गई थीं।

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