World News: अमेरिका ने वेनेजुएला पर एयर स्ट्राइक की और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किया। शनिवार सुबह राजधानी कराकस में कई धमाकों ने तबाही मचा दी। अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मेक्सिको, क्यूबा और कोलंबिया की सरकारों को चेतावनी दी है। ट्रंप ने साफ किया कि ये देश अमेरिका का अगला निशाना हो सकते हैं।
ट्रंप ने क्यूबा को असफल राष्ट्र करार दिया। मेक्सिको पर आरोप लगाया कि ड्रग कार्टेल देश चला रहे हैं। कोलंबिया पर कोकीन फैक्ट्रियों चलाने का आरोप लगाया। चीन ने अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।
कराकस में हमले का दृश्य
शनिवार सुबह कराकस मेंएक के बाद एक कई धमाके हुए। लोग दहशत में आ गए और समझ नहीं पा रहे थे कि क्या हो रहा है। अमेरिकी हवाई हमलों ने शहर में तनाव का माहौल बना दिया। स्थानीय निवासी अपने घरों में छिप गए।
अमेरिकी सेना ने सीधे राष्ट्रपति मादुरो के ठिकाने पर कार्रवाई की। मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में ले लिया गया। इस ऑपरेशन में अमेरिकी वायुसेना और विशेष बलों ने हिस्सा लिया। पूरी कार्रवाई बेहद तेज गति से पूरी हुई।
ट्रंप की पड़ोसी देशों को चेतावनी
ट्रंप नेपड़ोसी देशों पर दबाव बढ़ाने की बात कही। उन्होंने क्यूबा को असफल राष्ट्र बताया। मेक्सिको के बारे में ट्रंप ने दावा किया कि ड्रग कार्टेल देश चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका को ही कुछ करना होगा।
कोलंबिया पर ट्रंप ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि वहां कोकीन की तीन बड़ी फैक्ट्रियां हैं। उन्होंने राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो पर भी आरोप लगाया। ट्रंप का बयान क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।
चीन की कड़ी प्रतिक्रिया
चीन नेअमेरिकी हमले और मादुरो की गिरफ्तारी की निंदा की। चीन के विदेश मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि यह वेनेजुएला की संप्रभुता पर हमला है। चीन ने अमेरिका से तत्काल कार्रवाई रोकने की मांग की।
चीनी प्रवक्ता ने कहा कि ऐसे कदम लैटिन अमेरिका की शांति के लिए खतरा हैं। चीन ने संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। उन्होंने वेनेजुएला के साथ एकजुटता व्यक्त की। चीन का बयान अमेरिका के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।
अमेरिका का बड़ा ऐलान
राष्ट्रपतिट्रंप ने मादुरो की गिरफ्तारी के बाद बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने मादुरो को सत्ता से उखाड़ फेंका है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका अस्थायी रूप से वेनेजुएला की बागडोर संभालेगा। यह व्यवस्था नई राजनीतिक व्यवस्था बनने तक जारी रहेगी।
अमेरिकी प्रशासन ने मादुरो पर गंभीर आरोप लगाए। आरोप है कि मादुरो नार्को-आतंकवाद के नेटवर्क का नेतृत्व कर रहे थे। इस नेटवर्क से कोकीन और फेंटानिल जैसे ड्रग्स स्मगल हो रहे थे। अमेरिका का दावा है कि इसका मकसद अमेरिकी नागरिकों को नुकसान पहुंचाना था।
वेनेजुएला की प्रतिक्रिया
वेनेजुएलासरकार ने अमेरिकी आरोपों को नकार दिया। उनका कहना है कि हमले का मकसद देश के संसाधन लूटना है। वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देशों में शामिल है। देश में खनिज संसाधनों की भी भरपूर मात्रा है।
वेनेजुएला के अधिकारियों ने अमेरिकी कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने इसे साम्राज्यवादी हमला करार दिया। देश की उपराष्ट्रपति ने जनता से एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला किसी का उपनिवेश नहीं बनेगा।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं
रूस नेभी अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा की। रूसी विदेश मंत्रालय ने इसे सशस्त्र आक्रामकता बताया। यूरोपीय संघ ने चिंता व्यक्त करते हुए संयम बरतने की अपील की। संयुक्त राष्ट्र ने इस मामले पर आपात बैठक बुलाई है।
कई लैटिन अमेरिकी देशों ने अमेरिकी हस्तक्षेप का विरोध किया। वहीं कुछ देशों ने मादुरो सरकार के खिलाफ कदम का समर्थन किया। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस मामले पर विभाजित नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में और प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।

