United States News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाइजीरिया सरकार को कड़ी चेतावनी दी है। वे ईसाइयों पर हो रहे हमलों को रोकने में विफल रहने पर सभी सहायता रोकने और सैन्य हस्तक्षेप की बात कह रहे हैं। ट्रंप ने यह बयान अपने सोशल प्लेटफॉर्म पर दिया। उन्होंने डेमोक्रेट्स पर भी हमला बोला और चीन के नेता से मुलाकात की सराहना की।
ट्रंप ने कहा कि नाइजीरिया में ईसाइयों की हत्या जारी रही तो अमेरिका तुरंत सभी मदद बंद कर देगा। वे आतंकवादियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की धमकी दे रहे हैं। ट्रंप ने अपने रक्षा विभाग को तैयार रहने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई तेज और क्रूर होगी। नाइजीरिया सरकार को जल्द कदम उठाना होगा।
डेमोक्रेट्स पर ट्रंप का हमला
ट्रंप ने शटडाउन मुद्दे पर डेमोक्रेट्स को निशाना बनाया। वे कहते हैं कि डेमोक्रेट्स फिलिबस्टर खत्म कर सुप्रीम कोर्ट बदल देंगे। इससे दो राज्य और इलेक्टोरल वोट बढ़ेंगे। रिपब्लिकन को लड़ना चाहिए। ट्रंप चाहते हैं कि शटडाउन खत्म हो और उनका एजेंडा पास हो। इससे अमेरिका बेहतर बनेगा।
ट्रंप ने रिपब्लिकन को चेताया कि फिलिबस्टर न बचाने पर पछतावा होगा। वे कमजोर न बनें। लड़ो और जीतो का नारा दिया। यह मुद्दा देश के अस्तित्व से जुड़ा है। डेमोक्रेट्स को सत्ता नष्ट करने का मौका न मिले। रिपब्लिकन सख्त और होशियार बनें।
चीन के साथ ट्रंप की मुलाकात
ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से जी2 बैठक की तारीफ की। यह बैठक दोनों देशों के लिए फायदेमंद रही। इससे शांति और सफलता आएगी। ट्रंप ने ईश्वर से दोनों देशों का भला मांगते हुए बयान दिया। मुलाकात सकारात्मक माहौल में हुई।
नाइजीरिया में ईसाई समुदाय पर हमले लंबे समय से चल रहे हैं। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक फुलानी चरमपंथी इसमें शामिल हैं। ओपन डोर्स संगठन नाइजीरिया को ईसाई उत्पीड़न में शीर्ष देश मानता है। सीएनएन ने भी हिंसा की खबरें दी हैं। ट्रंप का बयान इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले गया।
ट्रंप की धमकी से नाइजीरिया सरकार पर दबाव बढ़ेगा। अमेरिका नाइजीरिया को बड़ी सहायता देता है। रॉयटर्स के अनुसार यह सहायता स्वास्थ्य और सुरक्षा में जाती है। सैन्य कार्रवाई की बात से तनाव बढ़ सकता है। नाइजीरिया को आतंकवादियों पर कार्रवाई तेज करनी होगी।
डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन के बीच शटडाउन विवाद गहरा है। फॉक्स न्यूज के अनुसार शटडाउन बजट असहमति से हुआ। ट्रंप फिलिबस्टर बचाना चाहते हैं। डेमोक्रेट्स इसे बदलकर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहते हैं। यह अमेरिकी राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया है।
ट्रंप की चीन नीति सकारात्मक दिख रही है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने बैठक को व्यापार और शांति के लिए अच्छा बताया। दोनों नेता संबंध सुधारना चाहते हैं। इससे वैश्विक स्थिरता बढ़ेगी। ट्रंप ने इसे बड़ी उपलब्धि माना।
नाइजीरिया में हिंसा बोको हराम और अन्य समूहों से भी जुड़ी है। गार्जियन की खबरों में हजारों मौतें बताई गई हैं। ईसाई नेता मदद मांग रहे हैं। ट्रंप का बयान उनके लिए उम्मीद है। लेकिन सैन्य हस्तक्षेप जोखिम भरा होगा।
अमेरिकी सहायता बंद होने से नाइजीरिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी। वर्ल्ड बैंक डेटा से पता चलता है कि सहायता महत्वपूर्ण है। सरकार को सुरक्षा बढ़ानी होगी। ट्रंप की चेतावनी गंभीर है।
शटडाउन से अमेरिकी सरकार प्रभावित है। सीबीएस न्यूज के मुताबिक कर्मचारी बिना वेतन काम कर रहे हैं। ट्रंप रिपब्लिकन को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं। फिलिबस्टर मुद्दा सीनेट में अहम है।
चीन-अमेरिका संबंध सुधर रहे हैं। वाशिंगटन पोस्ट ने व्यापार वार्ता की प्रगति बताई। ट्रंप की बैठक इससे जुड़ी है। दोनों देश सहयोग बढ़ाना चाहते हैं।
ट्रंप की धमकी वैश्विक ध्यान खींच रही है। अल जजीरा ने नाइजीरिया हिंसा पर डॉक्यूमेंट्री दिखाई। ईसाई समुदाय डर में जी रहा है। अमेरिकी कार्रवाई बदलाव ला सकती है।
डेमोक्रेट्स ट्रंप के बयानों की आलोचना कर सकते हैं। लेकिन रिपब्लिकन समर्थन दे रहे हैं। राजनीतिक लड़ाई तेज होगी। ट्रंप अपना एजेंडा लागू करना चाहते हैं।
चीन के साथ शांति ट्रंप की विदेश नीति का हिस्सा है। वे मजबूत संबंध चाहते हैं। बैठक सफल रही। इससे भविष्य में और वार्ताएं होंगी।

