Tourism: मनाली में यह दस जगह है बेहद खूबसूरत, घूमने का है प्लान तो यहां जरूर जाएं

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मनाली। Himachal Pradesh Tourist Places, गर्मियों में घूमने का मन बना रहे हैं तो यह खबर आपके बहुत काम की है। भारत का सबसे खूबसूरत राज्य हिमाचल आपका इंतजार कर रहा है।

प्रदेश की खूबसूरती, बर्फ से ढके पहाड़, सुहावना मौसम और आकर्षक जगह से रूबरू होने के लिए हिमाचल का रुख करें। यहां की निर्मल झीलें, ऊंचे पहाड़ प्राचीन मंदिर, प्राचीन बौद्ध मठ पर्यटकों का स्वागत करते हैं। पर्यटक ऊंची-ऊंची घाटियों और पहाड़ियों के साथ हिमाचल की प्राकृतिक खूबसूरती के दीदार कर शांति और सुकून पा सकते हैं। हिमाचल के कुछ एक ऐसे पर्यटन स्थल हैं, जहां पर्यटकों की सबसे ज्यादा भीड़ देखी जाती है।

हिमाचल एक ऐसा हिल स्टेशन है, जहां आप शहरों के शोर शराबे से दूर कुछ समय के लिए शांति और सुखद माहौल के लिए आ सकते हैं। हिमाचल में कुल्लू मनाली सहित शिमला, धर्मशाला, डलहौजी और कसौली के हिल स्टेशन पर्यटकों की सारी थकान मिटा देते हैं। हिमाचल में प्रवेश करते ही पीर पंजाल और धौलाधार पर्वतमाला की बर्फ से ढकी पहाड़ियां आपका स्वागत करेंगी। मनाली देश के सबसे लोकप्रिय हिल स्टेशनों में से एक है। गर्मियों में बर्फ से ढका 13050 फीट ऊंचा रोहतांग, मनमोहक नजारे, हरे-भरे जंगल, खूबसूरत झीलें, शुद्ध हवा यहां की खासियत है।

मनाली टूअर आपके मन को शांति प्रदान करने के साथ-साथ आपकी यात्रा को रोमांच से भी भरेगा। मनाली के पर्यटन स्थल आपको सौंदर्य में लीन करने के साथ-साथ ट्रैकिंग, पैराग्लाइडिंग, राफ्टिंग जैसी अनेकों साहसिक गतिविधियों का भरपूर आनंद भी दिलवाएंगे। कुल्‍लू-मनाली और लाहुल में घूमने आने वाले पर्यटकों को हम दस बेहद खूबसूतर डेस्‍ट‍िनेशन के बारे में बताने जा रहे हैं…

रोहतांग दर्रा

13050 फीट की ऊंचाई पर स्थित रोहतांग दर्रा मनाली का अभिन्न अंग है। यह देश का पहला पर्यटन स्थल है जो जून में भी सैलानियों को बर्फ से रूबरू करवाता है। यहां दर्रे के अद्भुत दृश्य आपको अचंभित करेंगे। कोठी से लेकर रोहतांग तक के अतुलनीय नज़ारें आपको मंत्रमुग्ध कर देंगे। इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि यहां जून में पांच हजार से अधिक वाहन पहुंचने लगे थे। हालांकि एनजीटी के निर्देश के बाद अब मात्र 1200 पर्यटक वाहनों को ही जाने की अनुमति है लेकिन हिमाचल आ रहे हैं तो इस दर्रे के दीदार करना न भूलें। मनाली से इसकी दूरी 50 किलोमीटर है।

हिडिम्बा, मनु ऋषि व बशिष्ठ ऋषि का मंदिर

मनाली स्थित यह सभी मंदिर मनाली के दर्शनीय स्थलों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हिडिम्बा मंदिर भीम की पत्नी हिडिम्बा को समर्पित है। यह बाकि मंदिरों की तुलना में एकदम भिन्न है। इसका प्रवेश द्वार लकड़ी से बना है व इसकी छत एक छतरी के आकार की है। मनु ऋषि का मंदिर मनु ऋषि से जुड़ा है। मान्यता है कि पृथ्वी पर जब प्रलय आई थी तो मनु महाराज की नाव मनाली आकर रुकी थी। ऋषि वशिष्ठ का मंदिर ऋषि बशिष्ठ से जुड़ा है। ऋषि ने यहां तपस्या की थी। यह मंदिर भी ऐतिहासिक है और धार्मिक आस्था का केंद्र है। यह सभी मंदिर शांतिप्रिय यात्रियों के लिए एकदम उचित माने जाते है। हर तरफ शांति का माहौल व देवदार के लंबे-लंबे पेड़ों का जाल बेहद खूबसूरत नज़ारा बनाता है। सभी मंदिर मनाली शहर से जुड़े हुए हैं तथा दो तीन किमी की दूरी पर हैं।

सोलंग घाटी

मनाली शहर आकर सबसे पहले आप सोलंग घूमने का आनंद उठा सकते हैं। यह पर्यटन स्थल साहसिक खेलों का हब है। यहां आकर आप पैराग्लाइडिंग, घुड़सवारी, रोपवे, माउंटेन बाइक, स्नो स्कूटर जैसी गतिविधि का आनंद उठा सकते हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने भी सोलंग नाला में पैराग्लाइडिंग का आनंद लिया था। सोलंग घाटी मनाली से 12 किलोमीटर दूरी पर ही है। यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है।

मणिकर्ण

पार्वती नदी के तट पर बसा हुआ है। यहां स्थित ऐतिहासिक मणिकर्ण गुरुद्वारा हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करता है। गुरुद्वारा हिंदुओं व सिखों का पवित्र तीर्थ स्थल है। गर्म पानी के कुंड में डुबकी लगाकर आपको पवित्रता का एहसास होने लगेगा। सिखों की यह मान्यता है कि गुरु नानक जी ने यहां अनेकों चमत्कार किए। वहीं हिन्दुओं की मान्यता यह है कि यहां शिव और पार्वती रहा करते थे। इसलिए मनाली के पर्यटन स्थल में इसकी बहुत मान्यता है। आस-पास का वातावरण शांति और आध्यात्मिकता में लिप्त रहता है। मणिकर्ण कुल्‍लू से चालीस किलोमीटर दूर है।

नग्गर

जिला कुल्लू की राजधानी रही नग्गर भी सैलानियों की पहली पसंद है। यहां जगत पट्ट व करोड़ों देवी देवताओं का वास भी है। धार्मिक पर्यटन स्थल होने के साथ साथ यह स्थल निकोलस रोरिक से भी जुड़ा है। रौरिक आर्ट गैलरी भी यहां आने वाले पर्यटकों की पसंद रहती है। यहां आकर सैलानी मंत्रमुग्ध हो जाते हैं।

अटल टनल रोहतांग

रोहतांग दर्रे के नीचे पीर पंजाल की पहाड़ी को भेदकर बनाई अटल टनल रोहतांग के भी दीदार करने का मौका मिलेगा। यह टनल भारतीय इंजीनियरिंग का नमूना है। नौ किलोमीटर इस टनल को पार करने में दस मिनट का समय लगता है। पर्यटक यहां रुककर इसके निर्माण की विधि से भी अवगत हो सकते हैं। अटल टनल द्वारा 10 मिनट में कुल्लू की ब्यूटीफुल वादियों से लाहुल की वंडरफुल वादियों में पहुंच जाते हैं। मनाली से अटल टनल की दूरी 18 किलोमीटर है।

त्रिलोकीनाथ व मृकुला मंदिर

अटल टनल बनने से त्रिलोकीनाथ व मृकुला मंदिर में पहुंचना आसान हुआ है। मनाली रहकर आप आसानी से दिन के समय दोनो मंदिर में घूम सकते हैं। त्रिलोकीनाथ मंदिर बौद्धों और हिंदुओं दोनों के बीच धार्मिक महत्व रखता है। मंदिर गांव में एक चट्टान पर स्थित है।कुल्लू मनाली आने वाले पर्यटक यहां आसानी से पहुंच सकते हैं। त्रिलोकीनाथ के दर्शन कर आप सीधे किशोरी गांव होकर माता मृकला मंदिर पहुंच सकते है। दोनो देवताओं का आशीर्वाद लेकर शाम को बापस मनाली आ सकते है। हालांकि उदयपुर में भी रहने की व्यवस्था है। यह मनाली से 110 किलोमीटर दूर है।

चन्द्रताल व कुंजम दर्रा

लाहुल स्पीति के पर्यटन स्थल चन्द्रताल व कुंजम दोनो आसपास हैं। दोनो पर्यटन स्थल लाहुल से काजा की ओर जाने वाले रास्ते मे पड़ते हैं। चंद्रताल झील को हिमालय में लगभग 4300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित सबसे खूबसूरत झीलों में गिना जाता है। ये झील एडवेंचर का शौक रखने वाले कई पर्यटकों को आकर्षित करती है।

सबसे ऊंचे पर्वत दर्रों में से एक है। यहां आप आसानी से मोटर बाइक चला सकते हैं। ये समुद्र तल से 4,551 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहां आप कुंजुम ला बारा-शिगरी ग्लेशियर (दुनिया का दूसरा सबसे लंबा ग्लेशियर), चंद्रभागा रेंज और स्पीति घाटी का शानदार दृश्य देख सकते हैं। यहां से आप चंद्रताल झील के लिए 9 किलोमीटर की ट्रैकिंग का मजा भी ले सकते हैं। चंद्रताल मनाली से 140 किलोमीटर दूर है। पर्यटक आसानी से एक दिन में यहां घूम कर वापस मनाली पहुंच सकते हैं।

काजा

काजा स्पीति का मुख्‍यालय है। यह स्पीति नदी के बाढ़ग्रस्त मैदानों पर स्थित है। लुभावने नजारों के अलावा यहां विश्राम गृह, होटल, स्वास्थ्य केंद्र और बाजार जैसी सुविधाएं भी मौजूद हैं। इस शहर में आ आकर हर पर्यटक शांति महसूस करता है। स्पीति के सभी पर्यटन स्थल काजा के आसपास ही हैं। यहां किह गोंपा, ढंखर गोंपा जैसे ऐतिहासिक गोंपाओं के आप दीदर कर सकते हो। इन पर्यटन स्थलों में विलुप्त प्रजातियों के जीव जंतु स्नो लेपर्ड व आइबेक्स आसानी से दिख जाते हैं।

पिन वैली

लाहुल और स्पीति जिले के ठंडे रेगिस्तानी क्षेत्र के बीच स्थित, पिन वैली नेशनल पार्क प्रकृति प्रेमियों के लिए एक स्वर्ग है। एडवेंचर का शौक रखने वालों के लिए भी पिन वैली नेशनल ट्रैक बेस्ट जगह है। 11,500 फीट से 18000 फीट की ऊंचाई पर स्थित, पिन वैली पार्क को 1987 में वन्यजीव पार्क के रूप में गठित किया गया था। वन्यजीव पार्क के अलावा, पिन वैली पार्क ट्रैक प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। यहां आप कई एडवेंचरस एक्टिविटीज का मजा उठा सकते हैं। काजा करीब दो सौ और पिन वैली 250 किलोमीटर दूर है, यहां जाने के लिए आप लंबा टूअर प्‍लान बना सकते हैं।

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