बेहद खूबसूरत है हिमाचल के यह अनदेखे और अनसुने 11 गांव, देखने को मिलेगा प्रकृति का अनोखा संगम

0
22

शहर की चकाचौंध से दूर रहकर कुछ दिन अगर आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ यादगार पल बिताना चाहते हैं तो हिमाचल से बेहतर और क्या हो सकता है। बर्फीले पहाड़ों के प्रांत हिमाचल प्रदेश को “देव भूमि” भी कहा जाता है। भारत का यह अठारवां राज्य है जो कि उत्तर पश्चिम में स्थित है। आज हम आपको हिमाचल प्रदेश की उन जगहों के बारे में बता रहे हैं जिनसे शायद तमाम लोग अंजान हैं। इन जगहों की सैर कर आप न सिर्फ अपने देश की खूबसूरती को देखेंगे बल्कि यहां की संस्कृति- सभ्यता से भी रूबरू होंगे। ये वो जगह हैं जहां पर आप फेमिली, फ्रेंड्स और सोलो ट्रिप में भी सुकून के पलों को जी सकते हैं। ऐसी जगहों पर अक्सर वे लोग जाना पसंद करते हैं जो ज्यादा घुमक्कड़ी और साहसी होते हैं। इन खूबसूरत जगहों पर आप प्राकृतिक नजारों के साथ-साथ तमाम तरह के एडवेंचर्स भी कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि राज्य की खूबसूरत जगहों के बारे में।

अंद्रेटा- हिमाचल प्रदेश के मशहूर चाय के बागानों से कुछ ही दूरी पर स्थित अंद्रेटा गांव बेहद शांत क्षेत्र है। यहां पर मिट्टी के वर्तन बनाने का काम होता है। हिमाचल के इस गांव में कलाकृति और नेचुरल ब्यूटी का अनोखा संगम देखने को मिलता है। यही यहां आए टूरिस्टों के लिए आकर्षण का केंद्र है। साल 1930 के बीच में आइरिश नाट्य कलाकार नोरा रिचर्ड्स अपने पति की मृत्यु के बाद लाहौर से यहां आकर बस गई थीं। उन्होंने इंडियन मॉडर्न आर्ट के जानकार BC Sanyal और प्रोफेसर Jaidayal के साथ मिलकर यहां पॉटरी का काम शुरू किया। यहां की पॉटरी विदेशों में भी फेमस है। देश विदेश से तमाम लोग यहां वेकेशन पर 3 महीने का रेसीडेंशियल कोर्स करने आते हैं। इस जगह की खूबसूरती और शांति दुनियाभर से कलाकारों को अपनी ओर आकर्षित करती है।

पब्बर घाटी- नदी किनारे स्थित पब्बर घाटी में आप प्राकृतिक नजारों के साथ-साथ पैराग्लाडिंग, कैंपिंग, साइक्लिंग, स्कीइंग, हैंड ग्लाइडिंग और ट्रैंकिंग जैसे तमाम एडवेंचर कर सकते हैं। यह घाटी महाशीर और ट्राउट मछलियों को पकड़ने के लिए भी मशहूर है। जहां पर अक्सर लोग अक्टूबर और अप्रैल के बीच मछली पकड़ने आते हैं। घाटी झीलों, नदियों और पहाड़ों के बीच स्थित है, जो इस जगह की सुंदरता बढ़ाते हैं।

बैरलः शिमला से 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बैरल गांव में आप तमाम तरह के नजारों से रूबरू हो सकते हैं। टूरिस्ट यहां पर हर वो चीज देख सकते हैं जिसके लिए वे पहाड़ों की सैर पर निकलते हैं। हरे-भरे पहाड़ी मैदान, प्राचीन मंदिर, पारंपरिक घर यहां की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं। यहां के घरों के निचले तलों में पालतू जानवर और ऊपरी हिस्से में परिवार बसते हैं। शिमला से यहां पहुंचने में महज 4 घंटे लगते हैं।

चितकुलः हिमाचल प्रदेश की सांगला घाटी में भारत तिब्बत सीमा के पास बस्पा नदी के किनारा बसा यह अंतिम और सबसे ऊंचा गांव है। जो कि समुद्र तल से 3,450 मीटर की ऊंचाई पर किन्नौर जिले में स्थित है। यहां सैर करने का अपना ही अलग मजा है। यहां का साफ वातावरण और पहाड़ों से आती ठंडी हवा हर किसी को सुकून से जीने देती है। इस गांव में लकड़ी से निर्मित घर टूरिस्टों को आकर्षित करते हैं। यह गांव अपने आलू के लिए काफी प्रसिद्ध है।

बेरोलः यह हिमाचल के लिए किसी खजाने से कम नहीं है। झील और झरने इस गांव की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं। सूरज की किरणों से इसकी खूबसूरती और भी बढ़ जाती है।

लांगजाः तिब्बत के बॉर्डर पर स्थित हिमाचल का लांगजा गांव भी यहां का एक चुनिंदा टूरिस्ट प्लेस है। यहां पर एक हजार साल पुरानी बुद्ध की प्रतिमा स्थित है। इसके साथ ही यहां आप हरे भरे और बर्फीले पहाड़ के नजारे को भी बेहद करीब से देख सकते हैं। सूरज की उगती और ढलती किरणों में इस गांव की खूबसूरती और भी बढ़ जाती है।

शोजाः अगर आप बादलों और पहाड़ों का संगम एक साथ देखना जाते हैं तो यहां की सैर जरूर करिए। शोजा में आप हरे-भरे पहाड़, झरने और बादल यहां की खूबसूरती का नजारा एक साथ देख सकते हैं।

नग्गरः रोज के काम-काज और शहर से अलग कुछ समय बिताना चाहते हैं तो नग्गर की सैर पर जाएं। 15वीं शताब्दी से प्रेरित यहां के पारपंरिक घर बेहद खूबसूरत हैं। इस गांव को आप शाहिद-करीना की सुपरहिट फिल्म Jab We Met में भी देख चुके हैं। यह वही गांव है जिसमें करीना और शाहिद कुछ देर सुकून के पल बिताते नजर आए थे।

खज्जियारः डलहौजी से एक घंटे की दूरी पर स्थित बसे इस गांव को भारत का मिनी स्वीजरलैंड कहा जाता है। ऐसे में अगर अभी स्विट्जरलैंड नहीं जा सकते तो यहां घूम सकते हैं। अपने ही देश में विदेश की फीलिंग चाहिए तो हिमाचल प्रदेश के खजियार जाना तो बनता है। यह देश की बेस्ट रोमांटिक जगहों में से एक है।

परागपुरः हिमाचल की कांगड़ा घांटी में स्थित भारत का पहला गांव है, जिसे भारत की धरोहर घोषित किया गया है। यहां की संस्कृति में आपको मुगल, पुर्तगाल, राजपूत और ब्रिटिश काल की झलक एक साथ देखने को मिलती है।

गुसैनीः हिमाचल के जंगलों से घिरा यह गांव कुल्लू जिले में स्थित है। यहां पर नदी किनारे पर बना एक गेस्ट हाउस पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। जहां पर नदी के किनारे एक गेस्ट हाउस है जो पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है।

Leave a Reply