शिमला में घूमने के लिए सबसे बेहतरीन जगहें

शिमला हिमाचल प्रदेश की राजधानी व यहाँ का सबसे मशहूर पहाड़ी इलाक़ा है। यह अपनी हैरान करने वाली सुंदरता को चारों ओर बिखेरता है। शायद तभी लोग इसके दीवाने हैं! इसके दीवानेपन ने यात्रियों को अपनी तरफ खींच के रखा है। अब चाहे पकड़ कमज़ोर भी हो जाए पर इसके प्रति मोह जन्म-जन्मांतर तक बना रहेगा। शिमला पर्यटन स्थल हर साल भारी भीड़ को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। यहाँ का वातावरण आपको कैद करके रखेगा जिससे आप खुद भी नहीं निकलना चाहेंगे। ऐसी कैद भी शायद ही किसी के नसीब में हो तो मौका गवाना बेवकूफियत होगी और ऐसी बेवकूफी कोई भूलकर भी नहीं करना चाहेगा।

शिमला का इतिहास
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला है। ब्रिटिश शासन के समय से पूर्व में ग्रीष्मकालीन राजधानी थी। कई पहाड़ियों पर शिमला शहर फैला हुआ है। शिमला जिन पहाड़ियों पर स्थित है। जाखू पहाड़ी पर 8050 फीट है। प्रॉस्पेक्ट हिल पर 7140 फीट तक फैला हुआ है। ऑब्ज़र्वेटरी हिल पर लगभग 7050 फीट है। एलिसीयम हिल 7400 फीट और समर हिल 690 फीट तक फैला हुआ भूभाग  हैं। शिमला का नाम की उत्पति ‘श्यामलय’ से हुआ था। जिसका मतलब नीला घर  होता है।  इन पहाड़ी इलाकों में पहले कच्चे मकान ही हुआ करते थे।
राजनीतिक एजेंट लेफ्टिनेंट रॉस ने सबसे पहले इसे ब्रिटिश निवास बनाया। ओर लकड़ी की एक कुटिया बनाई। लेफ्टिनेंट चार्ल्स पॅट कैनेडी ने 1822 में लेफ्टिनेंट कैनेडी के नाम पर ‘केनेडी हाउस’ बनाया था। तिब्बत सड़क का निर्माण भारत में 1850-51 में हुआ था। ये मार्ग कालका से शुरू होकर शिमला तक का बना था। वाहनों द्वारा शिमला जाने का मार्ग 1860 किलोमीटर तक का है। लगभग 560 फीट लंबी सुरंग के संजौली के बनाई गई थी। शिमला को भारत की ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित 1864 में किया गया।

आजादी के बाद, शिमला को पंजाब की राजधानी बनाया गया। और फिर हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला को घोषित कर दिया गया। शिमला ओर कालका के बीच 1903 में  रेल लाइन का निर्माण किया गया था। 1946 में भारतीय राष्ट्रवादी आंदोलन के लिए देश के महत्वपूर्ण सम्मेलन हेतु सभी नेताओं शिमला में उपस्थित हुए।  ये सम्मेलन सन् 1946 में हुआ था। इस सम्मेलन में आजादी पाने के लिए स्वतंत्रता का मार्ग प्रशस्त किया।

पर्यटन स्थल

पहाड़ों का गमन करते हुए चलते हैं शिमला की सैर पर जहाँ आपको अन्य सौंदर्य पूर्ण स्थलों को देखने का मौका मिलेगा जिनकी सूची निम्नलिखित है:

1. समर हिल्स

एडवांस स्टडी, समर हिल्स

हरियाली युक्त पहाड़ जो आपको बेहद शोभित नज़ारा देगा जिससे आँखें चार किए बिना आप रह नहीं पाऐंगे। सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक हर पल का नज़ारा आपके अंतःमन को लुभावना लगेगा। अपनी अनकही सुंदरता को बयान करते ये शांत पहाड़ आपके मन की हलचल को भी कुछ पल के लिए ठहरा देंगे। आप यहाँ प्रकृति के आँचल में आकर अपने मन की हर व्यथा से लड़ना भूल जाऐंगे। इसकी अपार सुंदरता आपके दिन को सँवार देगी और आप इसमें कहीं लिप्त होते नज़र आऐंगे।

2. द स्केंडल पॉइंट

स्कैंडल पॉइंट, शिमला

चारों ओर बर्फ से ढके पहाड़ों के बीच स्थित यह समतल क्षेत्र पर्यटकों का आकर्षक केंद्र है। पहाड़ों से प्रेम करने वालों को यह जगह बेहद रास आएगी। आप यहाँ बैठकर सूरज को ढलते हुए देख पाऐंगे और इस दृश्य को आप कैमरे में कैद करके सँजो भी सकते हैं। घाटी के सुंदर नज़ारों का लुत्फ़ उठाते हुए आप अपनी यात्रा को पूरा कर सकते हैं और आपको यहाँ आकर एक पल के लिए भी निराश नहीं होना पड़ेगा। इतनी सुंदरता एक साथ देखकर कोई भला कैसे मुँह मोड़ सकता है।

3. द शिमला स्टेट म्यूज़ियम

स्टेट म्यूजियम

ब्रिटिश वास्तुकला से उकेरा गया यह संग्राहलय शिमला के प्राचीन सभ्यता व संस्कृति का प्रतीक है। शैक्षिक दृष्टि से भी यह लोगों के बीच प्रचलित है। यहाँ मौजूद कलात्मकता जैसै चित्र कला, मूर्तियां व हस्तशिल्प लोगों को यहाँ की संस्कृति के बारे में अधिक जानने के लिए प्रेरित करती हैं। इन सभी चीज़ों को शताब्दियों से सँजो के रखा गया है ताकि आगे की पीढ़ियाँ राज्य के इतिहास को भलीभाँति जान सके। किताबी कीड़ों के लिए यहाँ एक लाईब्रेरी भी है जहाँ आप आराम से बैठकर अपने ज्ञान में बढ़ोत्तरी कर सकते हैं।

4. चाडविक फॉल्स

चाडविक फॉल्स

इस नाम की उत्पत्ति “चिडकू झार” से हुई है जिसमें चिडकू का अर्थ है- गौरैया व झार का अर्थ है- झरना। स्थानीय लोगो का कहना है कि केवल गौरैया ही इतने ऊँचे झरने तक पहुँच सकती है इसलिए इसका ये नाम पडा। बहुत घने देवदार के पेड़ों से लबरेज़ यह झरना यात्रियों को बेहद आकर्षित करता है। लोग यहाँ अपनी यात्रा को रोमांचक बनाने आते हैं। यह झरना करीब 100 मीटर की ऊँचाई से गिरता है। पहाड़ों से गिरता स्वच्छ व शुद्ध पानी पत्थरों पर जब गिरता है तो लगता है जैसे अपने तीखे बहाव से ये पत्थरों को काट देगा।

5. मॉल रोड

मॉल रोड

खरीदारी का शौक रखने वालों का यहाँ हर वक्त जमावड़ा रहता है। चहल -पहल, शोरगुल, गरम कपड़े, खूबसूरत हस्तशिल्प, सभी वस्तुऐं आपको उचित दामों में मिल जाएगी। घूमने-फिरने के बाद आप यहाँ आकर अपने इकट्ठे किए गए पैसों को अच्छी चीज़ों पर खर्च कर सकते हैं। फरवरी का महीना यहाँ आने के लिए सबसे उचित समय है। लंबी-लंबी सड़कों पर सजी आकर्षक वस्तुओं की दुकानें आपको अपनी ओर खींचे बिना मानेंगी नहीं। यहाँ आकर शिमला की फोटो लेना बिल्कुल लाज़मी है।

6. क्रिस्ट चर्च

चर्च, शिमला

अपनी अद्भुत वास्तुकला के लिए जाना जाने वाला यह चर्च उत्तर भारत का दूसरा सबसे प्राचीन चर्च है। अगर आप कुछ समय अकेले और शांति में बिताना चाहते हैं तो इससे बेहतर जगह कोई और नहीं हो सकती। अपनी धार्मिकता में लीन होने का यह बहुत अच्छा मौका है। इसका शांत माहौल ही पर्यटकों को यहाँ आने पर मजबूर करता है। शिमला दर्शनीय स्थल में इसे लोगों ने अपनी पसंद में शामिल किया है।

7. हिमालयन बर्ड पार्क

पक्षियों से प्रेम करने वालों के लिए यह स्थान सबसे उचित है। यहाँ आपको जाने-पहचाने व कुछ अनदेखे पक्षियों को देखने का अवसर प्राप्त होगा। हर तरफ चिड़ियों की चहचहाट आपको भोर का स्मरण कराऐंगी जैसे हर सुबह चिडियाँ चहकती हुई जाती हैं। हरियाली युक्त वातावरण में आपको कुछ पक्षी पेड़ की शाखाओं पर दिखेंगे व कुछ आपस में बात करते व कुछ अपने बच्चों के साथ समय बिताते हुए। आप यहाँ आकर मंत्र मुग्ध हो जाऐंगे। आपको यहाँ हिमाचल प्रदेश का स्थानीय पक्षी व हिमालयन मोनल देखने को भी मिलेगा।

8. कुफरी

शिमला के पास स्थित यह स्थान भी एक छोटा पहाड़ी इलाक़ा है जहाँ यात्री मुख्य रूप से हाईकिंग, ट्रैकिंग आदि जैसी रोमांचित गतिविधियों के लिए लोकप्रिय है। लोग यहाँ अपनी यात्रा को रोमांचित करने आते है। शिमला की बर्फबारी देखने का मौका भी आपके हाथ लगेगा। ये जगह प्राकृतिक बगीचों व पिकनिक स्पॉट के तौर पर भी प्रसिद्ध है। अप्रैल से जून का समय व दिसंबर से फरवरी का समय यहाँ आने का सबसे उचित समय है ताकि आप बर्फबारी के समय स्किइंग का लुत्फ़ उठा सकेंगे।

9. लक्कड़ बाज़ार

यह बाज़ार लकड़ी से बनी वस्तुओं के लिए मशहूर है। अगर आप शिमला आऐं हैं और अपने साथ यहाँ की कुछ स्थानीय वस्तुओं को स्मृति के तौर पर अपने साथ ले जाना चाहते है तो यहाँ से आप अपनी पसंद की वस्तु ले जा सकते हैं। बच्चों के लिए लकड़ी से बने खिलौने लेना भी अच्छा विकल्प है। स्थानीय भोजन का स्वाद चखने के लिए आप यहाँ आ सकते हैं।

10. किआला फॉरेस्ट

वन्य जीवन से लगाव रखने वालों व प्रकृति प्रेमियों के बीच यह स्थल आकर्षण का केंद्र है। घना व हरा जंगल जहाँ आपको कुछ पशु भी घूमते फिरते नज़र आ जाऐंगे। शिमला की कोठकाई घाटी के पास स्थित यह जंगल सिर्फ स्थानीय लोग ही नहीं बल्कि बाहरी इलाकों के लोगों भी बहुत मशहूर है। यहाँ कुछ खूबसूरत रैज़ॉर्ट है जहाँ आप ठहर सकते हैं और यहाँ से आप एक सुंदर नज़ारा भी देख पाऐंगे।

11. द रिज

द रिज शिमला की एक बड़ी और खुली सड़क है जो मॉल रोड के किनारे स्थित है। रिज वो जगह है, जहाँ आपको बर्फ से ढके पहाड़ नज़र आएँगे। इसके अलावा यहाँ बहुत सारी दुकानें है, जहाँ आप शाॅपिंग कर सकते हैं। शिमला की ये जगह यहाँ आने वाले हर टूरिस्ट को आकर्षित करती है। रिज सिफ एक मार्केट नहीं है बल्कि शहर का सामाजिक केंद्र भी है। शिमला की ये जगह स्थानीय लोगों और यात्रियों से भरी रहती है। इस रोड पर कई कैफे, बार, बुटीक, दुकानें और रेस्तरां भी हैं।

12. कालका ट्रॉय ट्रेन

अगर आप शिमला पहुँचने से पहले ही खूबसूरती देखना चाहते हैं तो आपको कालका रेलवे स्टेशन जाना चाहिए। शिमला रेलवे भारत का पहाड़ी रेलवे स्टेशन तो है ही, इसके अलावा यूनेस्को की वर्ल्ड हेरीटेज में भी आता है। इस रेल मार्ग को अंग्रेजों ने 1898 बनवाया था। ये ट्रेन कालका से शिमला तक चलती है। ये ट्रेन समर हिल, सोलन जैसी कई खूबसूरत जगहों से होकर गुज़रती है। अगर आप शिमला घूमने जा रहे हैं तो इस रेल की यात्रा ज़रूर करें। ये ट्रेन आपको कई लुभावने दृश्य दिखाएगी। इसमें आपको कई सुरंगें और पुल भी मिलेंगे।

13. जाखू हिल

शिमला के आसपास बहुत सारे हिल स्टेशन है लेकिन इन सबमें सबसे खूबसूरत कोई जगह है तो वो जाखू हिल है। जाखू हिल शिमला से करीब 2 कि.मी. दूर है। जाखू हिल इस जगह की सबसे ऊँची चोटी है। ये चोटी इस शहर की सबसे अद्भुत चोटी है यहाँ से आप बर्फ से ढके पहाड़ और हिमालय के नज़ारे को देख पाएँगे। 8,000 फीट ऊँची जाखू हिल शिमला की फेमस जगह है जो नेचर लवर के लिए बिल्कुल परफेक्ट है। इस पहाड़ी पर एक पुराना मंदिर है, जाखू। ये हनुमान का मंदिर है, इसमें उनकी एक बहुत बड़ी मूर्ति है। यह मंदिर शिमला के सबसे फेमस जगहों में से एक है।

कब और कैसे जाएँ?

शिमला वैसे तो हमेशा खूबसूरत होता है। ये जगह हमेशा पर्यटकों को लुभाती है। सर्दियों में आप यहाँ बर्फ देखने आ सकते हैं और गर्मियों में यहाँ ठंडक लेने के लिए आप यहाँ आ सकते हैं। शिमला जाने के लिए आप रेल, फ्लाइट और सड़क मार्ग से भी जा सकते हैं। शिमला सड़क मार्ग से चंडीगढ़ 117 कि.मी. दूर, मनाली 260 कि.मी. और दिल्ली 343 कि.मी. दूर है। अगर आप दिल्ली से शिमला के लिए जा रहे हैं तो आपको आईएसबीटी कश्मीरी गेट से रात भर कई लक्जरी बस मिल जाएँगी।

शिमला में एक छोटा रेलवे स्टेशन है जो शहर से सिर्फ 1 कि.मी. दूर है। ये एक छोटी गेज रेल ट्रैक से कालका से जुड़ा हुआ है। शिमला की फेमस टॉय ट्रेन कालका और शिमला के बीच चलती है। इस 96 कि.मी. की दूरी को तय करने में ट्रेन को लगभग 7 घंटे लगते हैं। कालका, शिमला का सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन है। जो ट्रेनों द्वारा चंडीगढ़ और दिल्ली से जुड़ा हुआ है। आपको दिल्ली और चंडीगढ़ जैसे प्रमुख शहरों से कालका के लिए ट्रेन मिल जाएगी।

अगर आप फ्लाइट से शिमला जा रहे हैं तो सबसे नज़दीकी एयरपोर्ट जुबारहटी है। जुबारहटी शिमला से लगभग 23 कि.मी. दूर है। इस एयरपोर्ट से शिमला जाने के लिए आप आसानी से टैक्सी ले सकते हैं।

शिमला पर्यटन ने यात्रियों के बीच एक अलग तरह का विश्वास पैदा किया है, जिसके चलते यहाँ हर मौसम में यात्रियों का आना लगा रहता है। पहाड़ों जैसा शांत और शोभित वातावरण आपको बार-बार अपने पास बुलाएगा। बाकि जगहों को छोड़कर आप इसे तवज्जो दे सकते हैं। आपको निराशा नहीं होगी। अपनी यात्रा को सुगम बनाने के लिए आपको यहाँ उचित दामों पर ठहरने का स्थान भी मिल जाएगा तो आप बिना किसी परेशानी के अपनी छुट्टियों का आनंद ले सकते हैं।

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