कुछ लोग कहते है कि हिमाचल में विकास हुआ है, लेकिन कहाँ? यह सबसे बड़ा सवाल है। जिसका जबाब विकास के कसीदे पढ़ने वाले भी नही दे पाते। आज भी हिमाचल की कई जगह पीने का पानी तक सही से उपलब्ध नही हो पाता और अधिकारी ऐसी मामलों में जिमेवारी लेने से बचते नजर आते है। ताजा मामला जल शक्ति विभाग तीसा के तहत आने वाले तीसा व नाल गांव से संबंधित है। दोनों जगह पिछले दो दिनों से नलको में गन्दा पानी आ रहा हैं। जिसके चलते स्थानीय लोग परेशान हो गए हैं।

जल शक्ति विभाग के कर्मचारियों का एक और कारनामा

चुराह विधानसभा क्षेत्र के नाल गांव में पानी की समस्या हमेशा बनी रहती है। यहां आज तक कभी ठीक से पानी की सुविधा लोगों को मुहैया नही हुई। जब देखो लोग यहां वहां से पानी ढो कर गुजारा करते नजर आ जाते है। अब जब पानी आया तो वह भी इतना गंदा जैसे पानी में कीचड़ घोल दिया गया हो। जल शक्ति विभाग के कर्मचारियों की यह लापरवाही स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का कारण बन सकती है। लेकिन यहां किस को परवाह, जो गरीब गांव वालों की सुने।

गौरतलब है कि चुराह का सबसे बड़ा हॉस्पिटल भी तीसा गांव में स्थित है। जहां दूर दूर से लोग इलाज करवाने आते है। इस मामले में लोगों का कहना है कि जल शक्ति विभाग की यह कार्य शैली कतई सहन करने योग्य नही है। इस तरह का पानी आम आदमी के स्वास्थ्य से खिलवाड़ है। किसी आदमी ने यह पानी पी लिया तो परिणाम घातक हो सकते है।

शहवा-भडकवास रोड़ का काम चला होने के कारण मलबा पानी के सोर्स में आ गया था। जिसके कारण यह असुविधा हो गई है फिलहाल पानी की सप्लाई बंद की गई है। – SDO IPH

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