Uttar Pradesh News: बागपत के हजारों गन्ना किसानों के लिए राहत भरी बड़ी खबर सामने आई है। गन्ना आयुक्त ने सहकारी चीनी मिल बागपत का 4 लाख कुंतल गन्ना दूसरी मिलों को डायवर्ट करने का बड़ा फैसला लिया है। इस कदम से बागपत चीनी मिल अब समय पर बंद हो सकेगी। इससे किसानों के खेत समय से खाली होंगे और वे अगली फसलों की बुआई समय पर कर पाएंगे। बागपत मिल अब तक रिकॉर्ड 30.99 लाख कुंतल गन्ने की खरीद पूरी कर चुकी है।
बंपर पैदावार बनी मुसीबत तो प्रशासन ने निकाला हल
बागपत चीनी मिल के पास इस सीजन में गन्ने की बंपर आवक हुई है। अत्यधिक गन्ना होने के कारण मिल के समय से बंद होने पर संकट के बादल मंडरा रहे थे। इस समस्या को देखते हुए डीएम अस्मिता लाल ने 4 लाख कुंतल गन्ना दूसरी मिलों को भेजने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। गन्ना आयुक्त ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए गन्ने को तीन अन्य चीनी मिलों में आवंटित कर दिया है।
इन तीन मिलों को आवंटित हुआ बागपत का गन्ना
जिला गन्ना अधिकारी (DCO) अमर प्रताप सिंह के अनुसार, गन्ने का डायवर्जन अलग-अलग केंद्रों के आधार पर किया गया है। पूठड और खेकड़ा ‘बी’ केंद्रों का गन्ना अब दौराला चीनी मिल जाएगा। वहीं, फिरोजपुर, मंडौला और गाधी केंद्रों का गन्ना मंसूरपुर चीनी मिल को आवंटित किया गया है। इसके अलावा सांकलपुट्ठी और सांकरौद केंद्रों का गन्ना खतौली चीनी मिल को भेजा गया है। इस व्यवस्था से आपूर्ति श्रृंखला में तेजी आएगी।
समय से मिल बंद होने से किसानों को होगा दोहरा फायदा
गन्ना डायवर्ट होने से किसानों को दो प्रमुख लाभ होंगे। पहला, अप्रैल के मध्य के बाद चीनी रिकवरी (परता) में आने वाली गिरावट से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचा जा सकेगा। दूसरा, खेतों के जल्द खाली होने से किसान अगली फसल की तैयारी समय पर शुरू कर सकेंगे। गन्ने की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित होने से चीनी मिलों की कार्यक्षमता भी बेहतर बनी रहेगी।


