‘यह तो सिर्फ ट्रेलर था…’, सुक्खू सरकार के फैसले पर भड़के पेंशनर, 30 मार्च को शिमला में मचेगा हाहाकार!

Himachal News: हिमाचल प्रदेश में पेंशनरों ने सुक्खू सरकार के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। सरकार ने हाल ही में सलाहकारों और बोर्ड-निगमों के अध्यक्षों से कैबिनेट रैंक वापस लिया है। उनके वेतन में भी 20 फीसदी की कटौती की है। प्रदेश पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति ने इसे देर से उठाया गया मजबूरी का कदम बताया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो 30 मार्च को विधानसभा का घेराव होगा। इसके साथ ही प्रदेश भर में जेल भरो आंदोलन भी शुरू किया जाएगा।

‘मित्र मंडली’ को खुश करने से खाली हुआ खजाना

संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आखिरकार यह सच्चाई मान ली है। सलाहकारों और चेयरमैनों की नियुक्तियों से सरकारी खजाने पर भारी बोझ पड़ा है। ये सभी नियुक्तियां सिर्फ अपनी ‘मित्र मंडली’ को खुश करने के लिए की गई थीं। इससे प्रदेश की आर्थिक हालत और ज्यादा खराब हुई है। सरकार को चाहिए कि इन सभी फालतू पदों को तुरंत प्रभाव से खत्म कर दे।

नेताओं का वेतन बंद कर सिर्फ मानदेय देने की मांग

आर्थिक सुधार के लिए पेंशनरों ने सरकार को कुछ बेहद सख्त सुझाव दिए हैं। सुरेश ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधानसभा अध्यक्ष और विधायकों के वेतन-भत्ते तुरंत बंद होने चाहिए। समाज सेवा के नाम पर काम करने वाले इन नेताओं को केवल मानदेय मिलना चाहिए। इसके अलावा, सरकारी विभागों और निगमों में अधिकारियों को दिया जा रहा सेवा विस्तार भी बंद होना चाहिए। सरकार को सबसे पहले अपने खर्चों में कटौती करनी चाहिए।

बजट से जगीं उम्मीदें, वरना होगा बड़ा आंदोलन

अब कर्मचारियों और पेंशनरों की नजरें 21 मार्च को पेश होने वाले राज्य के बजट पर टिक गई हैं। पेंशनर समिति ने मुख्यमंत्री से इस बजट को लेकर एक बड़ी अपील की है। 18 संगठनों ने मिलकर एक 14 सूत्रीय मांगपत्र सरकार को सौंपा है। वे चाहते हैं कि बजट में एरियर और डीए के लिए पर्याप्त पैसे का प्रावधान किया जाए। अगर सरकार ने इन मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।

30 मार्च को शिमला में होगा विधानसभा घेराव

सुरेश ठाकुर ने सरकार को आर-पार की लड़ाई की सीधी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि हाल ही में भारी बारिश के बीच हुआ प्रदर्शन महज एक ट्रेलर था। पूरी पिक्चर अभी आनी बाकी है। अगर सरकार ने पेंशनरों को बातचीत के लिए नहीं बुलाया, तो सड़क पर संग्राम होगा। 30 मार्च को शिमला में एक विशाल राज्य स्तरीय धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। पेंशनर सीधे विधानसभा का घेराव करेंगे और जेल भरो आंदोलन करेंगे।

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