Agra News: ताजनगरी आगरा में मोहब्बत का एक खौफनाक अंजाम सामने आया है। यहां एक प्रेमिका ने अपने माता-पिता के साथ मिलकर प्रेमी की निर्मम हत्या कर दी। आरोपियों ने पहले युवक का गला घोंटा और फिर सबूत मिटाने के लिए उसकी लाश को कार समेत जला दिया। इस हत्याकांड की सच्चाई जानकर लोगों के होश उड़ गए हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रेमिका और उसकी मां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
शादी के शोर में दब गई मौत की चीख
कासगंज के ट्रांसपोर्ट व्यवसायी पुष्पेंद्र यादव की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर अवधेश यादव की पत्नी भूरी देवी और बेटी डॉली को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उन्होंने बताया कि 25 तारीख को घर में एक शादी समारोह था। इसी कार्यक्रम में योजना के तहत पुष्पेंद्र को फोन करके बुलाया गया था। घर में शादी का शोर-शराबा था। इसी का फायदा उठाकर आरोपियों ने पुष्पेंद्र की गला दबाकर हत्या कर दी। शोर के कारण किसी को भनक तक नहीं लगी।
रिश्ता टूटने के डर से रची खूनी साजिश
एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने रैपुराजाट के पास से मां-बेटी को पकड़ा। पूछताछ में भूरी देवी ने बताया कि पुष्पेंद्र के उसके पति अवधेश से अच्छे संबंध थे। घर आने-जाने के दौरान उसने डॉली को अपने प्रेम जाल में फंसा लिया था। सितंबर 2023 में वह उसे भगा ले गया था। इस मामले में पुष्पेंद्र पर केस दर्ज था। अब वह समझौते और डॉली से शादी का दबाव बना रहा था। इस बीच परिवार ने डॉली का रिश्ता राजस्थान में तय कर दिया। पुष्पेंद्र ने वहां फोन करके रिश्ता तुड़वाने की कोशिश की। इसी बात से नाराज होकर परिवार ने उसे रास्ते से हटाने की ठान ली।
दो घंटे तक लाश लेकर घूमते रहे आरोपी
वारदात की रात राजेश के बेटे की लगन-सगाई थी। पुष्पेंद्र वहां शराब के नशे में पहुंचा था। मौका पाते ही अवधेश यादव, देवर राजेश और गौतम ने मिलकर उसका काम तमाम कर दिया। हत्या के बाद शव को कार में ही छोड़ दिया गया। देर रात जब रिश्तेदार चले गए, तो आरोपी लाश को ठिकाने लगाने निकले। वे इसे राजस्थान ले जाना चाहते थे। करीब दो घंटे तक वे शव को इधर-उधर घुमाते रहे। अंत में पकड़े जाने के डर से उन्होंने फरह क्षेत्र में ही कार में आग लगा दी। उनका मकसद इसे एक एक्सीडेंट का रूप देना था।
तीन मुख्य आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से दूर
रिफाइनरी सीओ श्वेता वर्मा ने बताया कि यह हत्या पूरी तरह से सुनियोजित थी। आरोपियों ने पहले ही तय कर लिया था कि हत्या के बाद इसे हादसे की शक्ल दी जाएगी। पुलिस टीम ने डॉली और भूरी देवी को जेल भेज दिया है। वहीं, इंस्पेक्टर कमलेश सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपी अवधेश, गौतम और राजेश अभी फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए रिश्तेदारों और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।
