Himachal News: डायबिटीज (मधुमेह) आज के दौर में एक ऐसी बीमारी बन गई है, जो शरीर के साथ-साथ मानसिक सेहत पर भी असर डालती है. एक स्वस्थ जीवन के लिए शुगर लेवल को कंट्रोल रखना बेहद जरूरी है. डायबिटीज के मरीजों को अपने खानपान को लेकर बहुत सतर्क रहना पड़ता है. आपकी रसोई में मौजूद एक खास दाल आपकी सेहत की दुश्मन बन सकती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, मसूर की दाल डायबिटीज रोगियों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है. गलत तरीके से इसका सेवन करने पर ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ सकता है.
मसूर दाल क्यों है खतरनाक?
विशेषज्ञों के अनुसार, मसूर दाल में ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) काफी ज्यादा होता है. इसका मतलब यह है कि इसे खाने के बाद शरीर में ग्लूकोज की मात्रा बहुत तेजी से बढ़ जाती है. डायबिटीज के मरीजों के लिए यह स्थिति किसी खतरे से कम नहीं है. अगर इसे सही तरीके से न पकाया जाए या ज्यादा मात्रा में खा लिया जाए, तो यह शरीर में ‘जहर’ की तरह काम कर सकती है. अचानक शुगर बढ़ने से मरीज की तबीयत बिगड़ सकती है.
पाचन और शुगर लेवल पर असर
मसूर दाल में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा भी काफी अधिक होती है. यह खून में मौजूद शुगर के स्तर को असंतुलित कर देती है. इसके अलावा, इस दाल को पचाना भी थोड़ा कठिन होता है. पाचन प्रक्रिया के दौरान यह शरीर में शुगर लेवल को और बढ़ा देती है. डायबिटीज के जिन मरीजों का शुगर लेवल पहले से अनियंत्रित है, उन्हें इस दाल से परहेज करना चाहिए. यह बीमारी को और गंभीर रूप दे सकती है.
कौन सी दाल खाना है सुरक्षित?
अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं, तो आपको कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली दालें खानी चाहिए. इसके लिए छोले, मूंग दाल और उड़द दाल बेहतर विकल्प हैं. ये दालें ब्लड शुगर पर बुरा असर नहीं डालती हैं. अगर फिर भी आपको मसूर दाल खानी है, तो इसकी मात्रा बहुत कम रखें. दाल बनाने से पहले उसे अच्छी तरह पानी में भिगो दें. इसे कम तेल और मसाले में पकाएं. साथ ही, दाल खाने के बाद पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे और पाचन ठीक रहे.
