हरियाणा में टूटे फूटे घर में रहने पर मजबूर है यह चैंपियन बेटी, विधायक ने की पांच लाख की सहायता

Read Time:5 Minute, 59 Second

सीसर खास गांव की सुनीता कश्यप ने अंतरराष्ट्रीय पावर स्ट्रेंथ वेट लिफ्टर के रूप में अपनी पहचान तो बना ली है लेकिन उनका परिवार आज भी आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। वह अत्यंत विषम परिस्थितियों में खुद का साबित करने में लगी हैं। पिता मजदूरी करते हैं तो मां शादियों में रोटियां बनाने जाती हैं और वहीं से घर का खाना लाती हैं। इतनी समस्याओं के बावजूद सुनीता मेडल लाती हैं और देश-दुनिया में गांव का नाम रोशन कर रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पावर स्ट्रेंथ वेट लिफ्टिंग में मेडल जीतने वाली सुनीता बताती हैं कि उन्हें अभी तक कोई सरकारी सहायता नहीं मिली है। जब भी खेल के लिए फीस भरनी होती है या फिर कहीं जाना होता है तो उनके पिता कर्ज लेकर इसकी व्यवस्था करते हैं।

उन्होंने कई बार नौकरियों के लिए फार्म भी भरे लेकिन चयन नहीं हुआ।

वह जिला, राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर कई मेडल जीत चुकी हैं। हाल ही में उन्होंने थाईलैंड में हुई विश्व चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल जीता है। सुनीता के पिता ईश्वर का कहना है कि वह मजदूरी करके बेटी के सपनों को पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं। उनके चार बच्चे हैं। बड़ा बेटा शादी के बाद अलग रहता है। उसके बाद सुनीता और उसके दो छोटे भाई हैं।

बेटी के कहने पर मां ने किया संघर्ष आरंभ सुनीता की मां जमना देवी का कहना है कि बेटी ने चार साल पहले बताया कि वह खेलना चाहती है। तभी से उन्होंने अतिरिक्त काम करना शुरू कर दिया। सुनीता को खेलने के लिए वक्त दिया। खेलने आने-जाने के लिए पैसों की व्यवस्था भी की। उसका संघर्ष अभी जारी है। जब तक उसकी बेटी किसी बड़े मुकाम को हासिल नहीं कर लेती। वह अपना संघर्ष जारी रखेंगी।

नहीं है अपने घर की जमीन
सुनीता के परिवार के पास घर के लिए जमीन नहीं है। उनका परिवार पंचायत की दी हुई जमीन पर तालाब के पास अपना टूटा-फूटा घर बनाकर रहता है।

विधायक कुंडू ने की पांच लाख रुपये की सहायता
महम विधायक बलराज कुंडू ने सुनीता को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। साथ ही साढ़े तीन लाख की स्पोर्ट्स किट भी दी। विधायक कुंडू ने सुनीता को कहा कि गरीबी और तंगहाली का वक्त पीछे छूट गया, अब से आप मेरी धर्म की बेटी हों। विधायक ने सुनीता को प्रतिमाह 10 हजार रुपये की डाइट मनी देने की भी बात कही। साथ ही ग्राम पंचायत से सुनीता के परिवार के लिए प्लॉट उपलब्ध करवाने की अपील की और कहा कि सबसे पहला कार्य इस परिवार के सिर पर अपनी खुद की छत होना है।

उन्होंने सुनीता को आगामी इंटरनेशनल चैंपियनशिप की तैयारी में जुट जाने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि स्ट्रेन्थ लिफ्टिंग के साथ अब वेटलिफ्टिंग की तैयारी करो। तुम्हें देश के लिए ओलंपिक में गोल्ड जीतकर सीसर गांव ही नहीं, बल्कि देश का नाम भी रोशन करना है।

Get news delivered directly to your inbox.

Join 875 other subscribers

error: Content is protected !!
Hi !
You can Send your news to us by WhatsApp
Send News!