New Delhi: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं। गलत खानपान कई गंभीर बीमारियों की जड़ बन गया है। यूरिक एसिड का बढ़ना भी इसी का एक नतीजा है। यह समस्या अब सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही है। शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने से जोड़ों में दर्द, सूजन और गठिया जैसी परेशानियां खड़ी हो जाती हैं। अगर इसे समय रहते कंट्रोल न किया जाए, तो इंसान का चलना-फिरना भी मुश्किल हो सकता है। यह बीमारी सीधे तौर पर हमारी डाइट से जुड़ी है।
नॉन-वेज के शौकीन हो जाएं सावधान
रेड मीट और ऑर्गन मीट का ज्यादा सेवन आपकी हड्डियों को कमजोर कर सकता है। मटन, बीफ, लीवर और किडनी जैसे मांसाहारी भोजन में ‘प्यूरिन’ की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। जब हमारा शरीर इस प्यूरिन को पचाता है, तो यूरिक एसिड बनता है। इसका स्तर खून में बढ़ने पर यह क्रिस्टल के रूप में जोड़ों में जमा होने लगता है। इससे भयंकर दर्द और सूजन की शिकायत होती है।
शराब और बीयर बढ़ाती है मुसीबत
शराब का सेवन वैसे भी सेहत के लिए हानिकारक है, लेकिन यूरिक एसिड के मरीजों के लिए यह जहर समान है। शराब और खासकर बीयर, शरीर से यूरिक एसिड को बाहर निकलने से रोकती है। बीयर में प्यूरिन की मात्रा भी अधिक होती है। यह दोहरी मार करती है। एक तरफ यह यूरिक एसिड बनाती है और दूसरी तरफ इसे शरीर से बाहर नहीं निकलने देती।
मीठे ड्रिंक्स और कोल्ड ड्रिंक्स से बचें
गर्मियों में अक्सर लोग कोल्ड ड्रिंक्स, सोडा या पैक्ड जूस पीना पसंद करते हैं। लेकिन इनमें मौजूद शुगर आपके जोड़ों के लिए ठीक नहीं है। इन ड्रिंक्स में फ्रक्टोज होता है। फ्रक्टोज यूरिक एसिड के उत्पादन को तेजी से बढ़ाता है। इसके अलावा, यह किडनी पर भी अतिरिक्त दबाव डालता है। किडनी ठीक से फिल्टर नहीं कर पाती और यूरिक एसिड जमा होने लगता है।
तला-भुना और जंक फूड है खतरनाक
बाजार का तला-भुना खाना सिर्फ मोटापा ही नहीं बढ़ाता, बल्कि यूरिक एसिड का भी दोस्त है। पिज्जा, बर्गर, समोसे और फ्राइज जैसे जंक फूड शरीर में सूजन को बढ़ाते हैं। इनमें ट्रांस फैट और रिफाइंड कार्ब्स होते हैं। यह मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ देते हैं। इससे शरीर यूरिक एसिड को नियंत्रित नहीं कर पाता है और समस्या लंबे समय तक बनी रहती है।
दालें और सीफूड भी खाएं संभलकर
दालें प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं, लेकिन यूरिक एसिड बढ़ने पर इनका सेवन सीमित करना चाहिए। कुछ विशेष दालों के ज्यादा सेवन से दर्द बढ़ सकता है। इसी तरह सीफूड भी नुकसानदायक हो सकता है। झींगा, केकड़ा और सार्डिन जैसी मछलियों में प्यूरिन अधिक होता है। अगर आप यूरिक एसिड से पीड़ित हैं, तो डॉक्टर की सलाह पर ही इनका सेवन करें।
सेहतमंद रहने के लिए अपनाएं ये आदतें
इस समस्या से बचने के लिए अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव करें। दिनभर में खूब पानी पिएं ताकि विषैले पदार्थ बाहर निकल सकें। अपनी डाइट में हरी सब्जियां, फल और लो-फैट दूध शामिल करें। रोजाना थोड़ी देर पैदल चलें या हल्की एक्सरसाइज करें। सही खानपान ही आपको जोड़ों के दर्द से बचा सकता है।

