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‘मुझे जान से मारने की थी साजिश…’, प्रयागराज में पुलिस पर भड़के शंकराचार्य, अधिकारियों की फोटो दिखाकर खोले राज

Prayagraj News: ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने प्रयागराज प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। मौनी अमावस्या पर हुए विवाद को लेकर उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। शंकराचार्य ने दावा किया कि मेला क्षेत्र में उन्हें जान से मारने की साजिश रची गई थी। उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक प्रशासन अपनी गलती नहीं सुधारता, वह पालकी पर ही बैठे रहेंगे। उन्होंने माघी पूर्णिमा तक इसी तरह विरोध जताने का एलान किया है।

अधिकारियों पर संतों को पीटने का आरोप

शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके दंडी संन्यासियों के साथ बर्बरता की। उन्होंने कहा कि संतों को बाल पकड़कर घसीटा गया और जूतों से मारा गया। नेपाल से आए एक बुजुर्ग संत की चोटी पकड़कर पिटाई की गई। शंकराचार्य ने सबूत के तौर पर एक बटुक का खून से सना दुपट्टा भी मीडिया को दिखाया। उन्होंने कहा कि प्रशासन चाहता था कि भगदड़ मचे और मुझे नुकसान पहुंचाया जाए। उन्होंने इसकी तुलना पानीपत की तीसरी लड़ाई से करते हुए कहा कि अगर मैं जनता की नजरों से दूर होता, तो दुश्मन अपनी साजिश में कामयाब हो जाते।

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इन अधिकारियों की तस्वीरें दिखाकर साधा निशाना

प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कई बड़े अधिकारियों की तस्वीरें दिखाईं। उन्होंने गृह सचिव आईपीएस मोहित गुप्ता की फोटो दिखाते हुए कहा कि यह अफसर खुद संतों को मार रहा था। उन्होंने पूछा कि यह पुलिस अफसर है या गुंडा? इसके अलावा, उन्होंने सीओ विनीत सिंह को घटना का ‘खलनायक’ बताया। शंकराचार्य ने डीएम मनीष कुमार वर्मा और पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार पर भी झूठ बोलने और हठधर्मिता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने भी मीडिया को भ्रामक जानकारी दी है।

बैैरिकेड तोड़ने के आरोप पर मांगा सबूत

शंकराचार्य ने बैरिकेड तोड़ने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने प्रशासन को चुनौती दी कि अगर बैरिकेड तोड़ा गया है, तो सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करें। उन्होंने कहा कि हम पुलिस के साथ ही स्नान के लिए निकले थे और पुलिस ने खुद बैरिकेड खोला था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब किसी सनातनी संत को गंगा स्नान के लिए परमिशन लेनी होगी? उन्होंने साफ किया कि शंकराचार्य हमेशा से पालकी में ही शाही स्नान के लिए जाते रहे हैं।

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पालकी पर ही बैठे रहेंगे शंकराचार्य

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने घोषणा की है कि वह माघी पूर्णिमा तक पालकी पर ही रहेंगे। वे अपने शिविर में तभी प्रवेश करेंगे जब प्रशासन उन्हें ससम्मान गंगा स्नान कराएगा। उन्होंने कहा कि सभी चार शंकराचार्यों और वैष्णवाचार्यों के लिए स्नान प्रोटोकॉल तय होना चाहिए। इस मामले को लेकर हाई कोर्ट में याचिका भी दायर की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि शंकराचार्य पद की स्वीकृति उन्हें द्वारका और श्रृंगेरी पीठ से मिली है, इसे कोई नेता तय नहीं कर सकता।

भाजपा सरकार पर भी बोला हमला

शंकराचार्य ने भाजपा सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार धार्मिक आयोजनों का व्यवसायीकरण करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकारें गौ रक्षा करने में विफल रही हैं और गौ हत्यारों से चंदा ले रही हैं। उन्होंने कहा कि 11 मार्च को दिल्ली में गौ रक्षा के लिए एक बड़ा संत सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।

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