Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी कामयाबी हासिल की है। दुर्लभ कछुओं की तस्करी करने वाले कुख्यात तस्कर मन्नीवन्नन मुरुगेशन को अब भारत सरकार थाईलैंड भेजेगी। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने उसके प्रत्यर्पण (Extradition) को मंजूरी दे दी है। फिलहाल वह दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। मुरुगेशन को वन्य-जीव तस्करी की दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा अपराधी माना जाता है। उसे मध्य प्रदेश वन विभाग की टीम ने ही गिरफ्तार किया था।
कोर्ट ने स्वीकार की थाईलैंड सरकार की अपील
जनसंपर्क अधिकारी केके जोशी ने सोमवार को इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नई दिल्ली के पटियाला हाउस न्यायालय ने मुरुगेशन को थाईलैंड भेजने की पुष्टि कर दी है। थाईलैंड सरकार ने भारत से इस तस्कर को सौंपने का अनुरोध किया था। अदालत ने विस्तृत सुनवाई के बाद 6 जनवरी 2026 को प्रत्यर्पण का आदेश जारी किया। यह सफलता सीएम डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर वन एवं वन्य-जीव संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का नतीजा है।
7 देशों में फैला था तस्करी का काला कारोबार
मुरुगेशन का अपराध जगत में बहुत बड़ा नाम है। जांच में सामने आया कि दुर्लभ कछुओं की तस्करी में वह दुनिया में तीसरे नंबर पर आता है। सिंगापुर का निवासी मुरुगेशन अपना अवैध कारोबार भारत, थाईलैंड, मलेशिया, मकाऊ, हांगकांग, चीन और मेडागास्कर तक फैला चुका था। साल 2012 में उसे बैंकॉक एयरपोर्ट पर 900 दुर्लभ कछुओं के साथ पकड़ा गया था। उस वक्त वह गैर-कानूनी तरीके से वहां से भागने में सफल हो गया था। इसके बाद इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड नोटिस भी जारी किया था।
MP STF ने चेन्नई से किया था गिरफ्तार
मध्य प्रदेश की स्टेट टाइगर फोर्स (STF) ने मुरुगेशन को 30 जनवरी 2018 को चेन्नई से गिरफ्तार किया था। उसे सागर के विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां उसे सात साल की सजा मिली थी। बाद में जिला अदालत ने उसे बरी कर दिया था, लेकिन एसटीएफ ने हार नहीं मानी। विभाग ने जबलपुर हाई कोर्ट में अपील दायर की और उसका पासपोर्ट जब्त करवा दिया। एसटीएफ ने ही बांग्लादेश में हुई अंतरराष्ट्रीय बैठक में मुरुगेशन के खिलाफ सबूत साझा किए थे। अब कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे तिहाड़ जेल से थाईलैंड पुलिस को सौंपा जाएगा।

